Friday, May 14

लापरवाही:संक्रमित युवक के शव को परिजन घर ले गए, प्रशासन ने लाकर मर्चुरी रूम में रखा

परिजनों ने संक्रमण होने की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को नहीं दी

मंगलवार को बड़ी लापरवाही सामने आई। तीन दिन से जिस युवक का शासकीय जन चिकित्सालय के जनरल वार्ड में उपचार चल रहा था वह कोरोना संक्रमित निकला। रिपोर्ट आने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को इसकी जानकारी नहीं दी और संक्रमित को विदिशा रेफर कर दिया लेकिन जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। परिजन उसका शव घर ले आए। मृतक के संक्रमित पाए जाने की खबर अस्पताल प्रबंधन ने प्रशासन तक को नहीं दी।

जैसे ही प्रशासन को नागरिकों के माध्यम से इस लापरवाही का पता चला तहसीलदार, नायब तहसीलदार, देहात थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। परिजनों को समझा बुझाकर शव लेकर आए और मर्चुरी में रखवाया गया। सुबह कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उसका अंतिम संस्कार कराया गया। इस लापरवाही से अस्पताल स्टाफ और परिजनों के संक्रमित होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

रात में पैक कराई लाश: प्रशासन ने रात को ही शव को सैनिटाइज कराने के बाद उसे पैक कराया और मर्चुरी में रखा गया। सुबह 10 बजे कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उसका अंतिम संस्कार पारासरी विश्राम घाट पर किया गया। इस मामले में बीएमओ का कहना है कि संबंधित युवक के मोबाइल पर संपर्क किया गया था उससे संपर्क नहीं हो पाया। सवाल यह है कि जब युवक अस्पताल के सामान्य वार्ड में भर्ती था तो उसके परिजनों को जानकारी दी जा सकती थी। इस लापरवाही के कारण उन लोगों पर संकट खड़ा हो गया है जो उपचार से लेकर घर तक उसके संपर्क में थे।

जांच रिपोर्ट 2 मई को आई पाॅजिटिव: उपचार के दौरान युवक का आरटी पीसीआर जांच के लिए सैंपल लिया गया था। 2 मई को जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मृतक के भाई ब्रजमोहन मालवीय का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने भाई के संक्रमित होने की जानकारी ही नहीं दी।हमें संक्रमण से मौत का पता उस समय चला जब तहसीलदार पुलिस के साथ रात को शव लेने घर आए।

एक मई को सामान्य मरीज के रूप में किया था भर्ती
राजेंद्र नगर निवासी 28 वर्षीय संतोष मालवीय को परिजनों ने बीमारी की हालत में एक मई को शासकीय जन चिकित्सालय में भर्ती कराया था। तीन दिन तक उसका उपचार सामान्य मरीज के रुप में किया गया। तीन मई को उसका ऑक्सीजन लेवल घट कर 72 रह गया। उसे विदिशा रैफर कर दिया गया। विदिशा ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। विदिशा अस्पताल पहुंचने पर बताया कि इसकी मौत हो चुकी है। परिजन सामान्य मृत्यु समझकर उसकी लाश घर ले आए।

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