Friday, May 14

बंगाल में नई सरकार का गठन:ममता आज 10:45 बजे CM पद की शपथ लेंगी, सौरभ गांगुली और दिलीप घोष को न्योता; मंत्रिमंडल विस्तार 6 या 7 मई को

पश्चिम बंगाल में भारी जीत के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को सुबह 10:45 बजे अकेली मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। उनके कैबिनेट के साथी 6 या 7 मई को शपथ लेंगे। कल के कार्यक्रम में BCCI प्रेसिडेंट सौरभ गांगुली और बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष को भी न्योता भेजा गया है।

ममता का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के टाउन हॉल में होगा। इसके बाद ममता बनर्जी राज्य सचिवालय जाएंगी। समारोह में प्रशांत किशोर समेत TMC के बड़े नेता शामिल होंगे। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, वाम मोर्चा से विमान बोस, को भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है।

तीसरी बार CM पद संभालेंगी ममता
ममता बनर्जी राज्य में तीसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभालेंगी। हालांकि, खुद ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से चुनाव हार चुकी हैं। हालांकि, 66 साल की ममता बनर्जी को फिर किसी सीट से चुनाव लड़ना पड़ सकता है। इससे पहले ममता ने 20 मई 2011 को पहली और 27 मई 2016 को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

कांग्रेस, लेफ्ट के बाद TMC का शासन सबसे ज्यादा
बंगाल ने 1950 से लगातार 17 सालों तक कांग्रेस को सत्ता सौंपी, लेकिन जब राज्य को सियासी उठापटक का सामना करना पड़ा तो 1977 में उसने वामदलों को चुन लिया। इसके बाद बंगाल ने लेफ्ट को एक या दो नहीं, पूरे सात विधानसभा चुनाव जिताए। लेफ्ट ने CPM की अगुआई में भारी बहुमत के साथ पूरे 34 साल राज किया।

लेफ्ट का दौर खत्म हुआ तो ममता की तृणमूल को सत्ता मिली और वे पिछले दस साल से आरामदायक बहुमत के साथ बंगाल पर राज कर रही हैं। इस बार फिर वे भारी बहुमत के साथ लौट रही हैं।

राज्यपाल से की थीं मुलाकात
ममता बनर्जी को 3 मई को पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया था। मीटिंग समाप्त होने के बाद ममता ने कहा था कि पार्टी शपथ ग्रहण का कार्यक्रम साधारण रखेगी। उन्होंने कहा था कि जब तक देश कोरोना से जंग नहीं जीत जाता, हम किसी भी प्रकार का जश्न नहीं मनाएंगे। बता दें कि चुनाव में TMC को 214 सीटें मिलीं हैं। 3 मई की शाम को ममता बनर्जी ने राज्यपाल से मुलाकात भी की।

राजनीतिक हिंसा पर भाजपा ने घेरा
2 मई को चुनावी परिणामों के बाद TMC की एक बार फिर से सत्ता में वापसी हुई है। हालांकि रिजल्ट के बाद राज्य के कई जिलों में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प की खबर आई है। इसमें करीब 11 लोगों की मौत हो गई। भाजपा के ऑफिस और पार्टी वर्कर्स के घरों और दुकानों में भी आगजनी की खबरें हैं।

सुप्रीम कोर्ट पहुंची भाजपा, पीएम ने भी जताई चिंता
पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर राज्य में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है। वहीं, हिंसा की जांच CBI से कराने की याचिका दायर की है। इस बीच भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा मंगलवार को हिंसा प्रभावित कार्यकर्ताओं के घर जाकर उनके परिजन से मिले और राज्य में हो रही घटनाओं को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्यपाल जगदीप धनखड़ से कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है। राज्य के करीब 300 भाजपा कार्यकर्ता और नेताओं के असम में शरण लेने की भी खबर है। इन सभी मामलों के बीच ममता बनर्जी राजनीतिक तौर पर घिरती नजर आ रही हैं। हालांकि उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील के साथ अपने कार्यकर्ताओं पर भी हमले का आरोप लगाया है।

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