Friday, May 14

बड़ा हादसा:रामघाट में नहाने गए 3 युवक डूबे, 2 को बचाया, गहरे पानी में जाने से एक की मौत

खाई रोड निवासी मुराद कुरैशी वल्द सम्मू कुरैशी 22 साल अजमल कुरैशी और अपने एक अन्य दोस्त के साथ सोमवार दोपहर करीब 3 बजे बेतवा के रामघाट में नहाने गया था। तीनों को तैरना नहीं आता था। तीनों रामघाट में नहाने लगे। मुराद के तीनों दोस्त भी डूब रहे थे लेकिन वहां स्नान के लिए गए अन्य लोगों ने दोनों दोस्तों के बाल पकड़कर उन्हें ऊपर खींच लिया।

इस कारण दोनों की जान बच गई। लेकिन मुराद रामघाट से करीब 10 मीटर दूर 40 फीट गहरे पानी में चला गया था। उसे भी तैरना नहीं आता था। करीब 1.30 घंटे की मशक्कत के बाद मुराद के शव को शाम करीब 6.30 बजे पानी से बाहर निकाल लिया गया। नदी से शव बाहर निकालने के बाद से अस्पताल लाया गया लेकिन डाक्टरों ने वहां उसे मृत घोषित कर दिया।

मुराद की मौत के बाद उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। शव लेने के लिए 50 से अधिक बाइकों में परिजन और आसपास के लोग वहां पहुंचे थे। करीब 3 साल पहले भी शहर के 2 व्यापारियों के बेटों की मौत रामघाट में डूबने से हो गई थी।

8 जवानों की टीम ने 1.30 घंटे तक फेंका कांटा

होमगार्ड के प्लाटून कमांडर मनीष यादव ने बताया कि उन्हें सोमवार शाम करीब 4.30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि रामघाट में कोई युवक डूबा है। इस पर एसडीआएफ के 7 जवानों के साथ वे बोट और कांटे लेकर रामघाट पहुंचे। 8 जवानों की टीम द्वारा यहां करीब 1.30 घंटे तक सर्चिंग करने के बाद मुराद कुरैशी का शव पानी से बाहर निकाला जा सका। उन्होंने बताया कि रामघाट 40 फीट से अधिक गहरा है। उसका शव करीब 40 फीट गहराई में फंसा हुआ था। लगातार कांटा फेंकने के कारण उसका शव जवानों के कांटे में फंस गया। इसके बाद उसके बाहर निकाला गया।
6 भाइयों का है मृतक मुराद का परिवार
समाज के युवा मुआज कामिल ने बताया कि मुराद कुरैशी का 6 भाइयों का परिवार है। उसकी खाई रोड पर मुर्गे की दुकान है। वह अपने दोस्त अजमल कुरैशी और एक अन्य युवक के साथ नदी में नहाने गया था। तीनों को तैरना नहीं आता था। मुराद के 2 अन्य दोस्तों को वहां नहा रहे कुछ लोगों ने बाल पकड़कर निकाल लिया लेकिन मुराद ज्यादा गहराई में चला गया था। इस कारण उसे बचाना मुश्किल हो गया। एसडीआरएफ और होमगार्ड के गोताखोरों ने रस्सी, जाल और कांटे फेंककर उसके मुश्किल से बाहर निकाला।

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