Sunday, April 18

ये कैसा स्मार्ट सिटी प्लान:नगर में अतिक्रमण पर कोई रोक नहीं, 20 फीट की गलियां बची हैं सिर्फ 10 फीट की

शिकायत करने के बाद भी नपा और प्रशासन नहीं करता कोई कार्रवाई

शहर को सुंदर बनाने के लिए दो साल पहले स्मार्ट सिटी प्लान लागू किया गया था। इससे सात साल पहले पुराने मेला ग्राउंड स्थित मानस भवन में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया था। इससे भविष्य के शहर का विकास प्लान के अनुसार किया जा सके। नागरिकों, समाजसेवी, व्यापारियों सहित जनप्रतिनिधियों ने भी शहर को सुंदर बनाने के लिए अवैध निर्माण पर सख्त नियम कानून की कवायद की थी।

तत्कालीन नपाध्यक्ष मोहन भावसार ने भी नियम विरुद्ध निर्माण पर अंकुश लगाने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन इसके बाद अब तक इस मामले में सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। इससे जगह जगह नियम कानून को ताक में रखकर भवनों के निर्माण चल रहे हैं। नागरिक लगातार शिकायतें कर रहे हैं। इसके बाद भी नपा और प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इस वजह से गलियां संकरी और सड़कों की चौड़ाई लगातार कम होने से नागरिकों को आवागमन में समस्या आती जा रही है।

न्यायालय में भेजे जाएंगे मामले

इस मामले में सीएमओ को सड़क और गलियों में अवैध निर्माण की सूची तैयार कर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए करने के निर्देश दिए जाएंगे। अवैध निर्माण हटाकर उनके मामले न्यायालय में भेजे जाएंगे।

-राजेश मेहता, एसडीएम व प्रशासक नपा गंजबासौदा

बढ़ रहे हैं शेड और रेलिंग

पूरे शहर में भवनों के सामने सड़क पटरियों पर बनाई जा रहीं रेलिंग के कारण सड़क की चौड़ाई चार से पांच फीट कम हो गई है। गलियों में सड़क के दोनों ओर वाहन रखने पक्के बरामदे बनाए जा रहे हैं। इससे गली की चौड़ाई दस फीट कम हो रही है। नगर में यही स्थिति चल रही है। पहले पक्के चबूतरे बनते हैं फिर कुछ सालों में बरामदे बना लिए जाते हैं। बाद में उसी पर पक्का मकान बन जाता है। ऐसे ही हालात मुख्य मार्गों पर हो रही है।

नियमाें को ताक पर रखकर जारी है भवन निर्माण

शहर में अब तक नियम और कानून ताक में रखकर दर्जनों ऐसे पक्के निर्माण हो चुके हैं। कई स्थानों पर गलियां बंद की जा चुकी हैं। वार्डों में रसूखदारों ने कई गलियों पर कब्जा कर के बंद कर दिया है। इसी प्रकार मोतिया नाला, विजय टॉकीज , सिरोंज चौराहा, इंद्रा नगर के नालों पर दुकानों व मकानों का निर्माण हो चुका है लेकिन नियम निर्देशों को ताक में रखकर भवन निर्माण का सिलसिला जारी है।

नपा की नोटिस तक कार्रवाई सीमित

शहर में अवैध निर्माण पर नपा सिर्फ नोटिस जारी करने के बाद पल्ला झाड़ लेती है। कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर हो रही है। जितना निर्माण कर्ता प्लाट खरीदते हैं उससे ज्यादा भूमि पर निर्माण करते हैं। इसका उदाहरण नगर में बन रहे नए मकान हैं। नगर पालिका के पास न पुराना नक्शा है और न ही रिकार्ड। इससे पुरानी और वर्तमान स्थिति का पता चल सके।

आवागमन में आ रही परेशानी

स्टेशन क्षेत्र के चक्क स्वरूप नगर मार्ग की चौड़ाई बीस फीट थी लेकिन अब सिकुड़ कर दस फीट हो गई है। चार पहिया वाहन भी मुश्किल से निकल पाता है। क्रासिंग के लिए साइकिल व पैदल चलने वालों के लिए जगह नहीं रहती है। अधिकांश वार्डों में पुरानी गलियां इतनी संकरी हो चुकी हैं कि ऑटो रिक्शा भी ले जाने से चालक मना कर देते हैं। त्योंदा रोड, बरेठ रोड पर भी मुख्य मार्ग की सीमा में निर्माण चल रहा है इससे सड़क भी प्रभावित हो रही है। इस वजह से शहर की सुन्दरता घट रही है और अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।

सड़क की चौड़ाई हो रही है कम

सामाजिक कार्यकर्ता हरजीत सिंह, शैलेंद्र सक्सेना, कमल सिंह रघुवंशी ने बताया कि यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है लेकिन सड़क और गलियों की चौड़ाई कम होने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। यदि इस मामले में नपा और प्रशासन का रवैया इसी तरह रहा तो शहर में यातायात की स्थिति आने वाले दिनों में बेहद गंभीर हो जाएगी।

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