Wednesday, January 20

किसानों की आड़ में राजनीति ।

किसान आदोंलन के नाम पर घटिया राजनीति हो रही है ।जव से मोदी सरकार देश मे किसान विल लाई है तभी से कुछ राजनैतिक पार्टियों को बड़ी तकलीफ हो रही है ।ओर वो निरंतर किसानों को भडकाने में लगे हुये है । दो दिन से दिल्ली कूच के नाम पर तमाशा मचा हुआ हे ।एक बढ़ा प्रश्न ये वक्त किसानों के लिए बढ़ा अहम है इस समय जिन किसानों को खेत मै काम करना चाहिए वो सड़कों पर उपद्रव मचा रहे है ये कैंसे सम्भव है । जिन्हें हम अन्नदाता कहते उनका आंदोलन किसी उपद्रवियों से कम नहीं है ।यह पूरा राजनैतिक ड्रामा है ।

ये उसी तरह का ड्रामा है जो दिल्ली के रामलीला मैदान से शुरु किया गया था सीएए के नाम पर ।ओर पूरे देश में प्रर्दशन कर दिल्ली को शाहीन बाग के रूप में महीनों तक बंधक बनाया गया था । इसे यदि शाहीन बाग टू कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी ।

जिन मांगों को लेकर किसान आंदोलन कर रहे है उन पर बात भी की जा सकती है पर ऐसा लगता है किसानों का मकसद कुछ ओर है क्योंकि यह चिन्गारी पंजाब से उठी है ओर पंजाब में कांग्रेस की सरकार है। पूरे देश में सिर्फ पंजाब के किसानों को ही परेशानी है । यदि सही मायने में कहें तो मोदी सरकार ने किसानों के लिए बहुत कुछ किया है इसके बाद इस तरह का आंदोलन समझ से परे है ।

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