Sunday, November 29

क्या महाराष्ट्र की अराजकता के लिए कांग्रेस ओर शरद पवार भी जिम्मेदार नहीं ?

शिवसेना का तांडव विगत तीन माह से चल रहा है। पालघर के साधुओं की निर्ममतापूर्वक हत्या सरकार मौन , निशा सालयान की मौत सरकार मौन , सुशांत की मौत सरकार मौन , कंगना पर हमला पत्रकारों को गिरफ्तार करना ओर एक पूर्व नेवी सैनिक पर हमला करना ।इतना सव करने के बाद भी सरकार ओर सरकार के सहयोगी मौन हों तो यह प्रश्न उठना लाजिमी है ।कि आखिर सरकार ही थोडी न दोषी है उस सरकार में जितने भी सहयोगी है वो भी बराबर के दोषी है। चाहे शरद पवार हों या सोनिया गांधी । महाराष्ट्र सरकार कंगना के ऊपर हमला करती है ओर सोनिया गांधी जी चुप रहती है ये कैसी राजनीति जो सीएए के खिलाफ तो रामलीला मैदान से हूंकार भरकर देश मे अराजकता का माहौल करवा देती है ओर खुद जहां सत्ता में हैं वहां अन्याय कि कहानी लिखी जा रही है । ओर चुप रहकर सारा तमाशा देख रही हैं।

शरद पवार जी आप तो उम्रदराज व्यक्ति है आपने राजनीति के कई उतारचढ़ाव देखे है क्या सत्ता की चमक में आप भी अंधे हो गये जो सही को सही नहीं बोल पा रहे ।उद्धव के पाप में आप भी उतने ही भागी है जितना उद्धव अरे आप तो रक्षा मंत्री भी रह चुके है ओर महाराष्ट्र मे एक पूर्व सैनिक के साथ इस तरह की गुंडागर्दी बेहद दुखद है ।

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