Monday, November 30

जो नेता अपने ही शहर को पोस्टरों से बदरंग कर देते हैं उनसे विकास कि उम्मीद कैसे की जा सकती है।

देश का दुर्भाग्य ही कहेंगे देश की जनता को अपने ऊपर शासन करने की जिम्मेदारी उन राजनेताओं को देनी पड़ती है जिनकी सोच सिर्फ खुदको चमकाने की रहती है ।ऐसे राजनेता नगर का विकास कैसे करेंगे । आये दिन जन्मदिनों के अवसर हों या किसी नेता का आगमन हो तो शहर को बदरंग करने कि होड सी लग जाती है ।देखते ही देखते शहर के चौक चौराहे अजीब अजीब से किस्मों कि शक्लों बाले लोगों से पाट दिये जाते है । उनकी चरण बंदना इतनी मजबूत होती है भले ही अपने पिताजी के प्रति इतनी श्रद्धा न रही हो पर नेताओं के प्रति भक्ति में कोई कमी नहीं रहती । विजली का खंबा हो या चौराहे कि रैलिंग सभी को पोस्टरों से पाट दिया जाता है ।

अव आप स्वयं ही बताएं ऐसे नेता क्या विकास कर पायेंगे जो स्वयं अपने शहर को गंदा कर रहे है । दुख कि बात ये है इनके बैनर पोस्टर पर प्रशासन को भी कोई परेशानी नहीं रहती वह भी मूकदर्शक वनीं देखती रहती है । ओर माननीय न्यायालयों के आदेश का पालन जिस प्रशासन को कराना चाहिए उसकी भी अनदेखी की जाती है ।

कमलनाथ जी मुख्यमंत्री बनने के साथ ही सबसे पहले भोपाल में लगाए गए बैनर पोस्टर को ही हटवाया जवकि वो तो स्वयं उनकी ही स्तुति गान बाले थे । पर कमलनाथ जी के समर्थकों को उनके इस सकारात्मकता गुण से प्रेरणा लेनी चाहिए थी पर राजनीति कि मदहोशी में अच्छी बातें कहां दिखाई देती है।

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