Wednesday, September 30

मध्यप्रदेश में हिंदुत्व की ओर लोटती कांग्रेस

ऐसा लगने लगा है कि कांग्रेस को ये समझ आ गया है कि बगैर हिंदुत्व के सत्ता की नैय्या पार नहीं लगाई जा सकती । कल तक जो नेता चुनाव के समयआर एस एस का डर बता रहे थे आज वो भगवान राम के उत्सव के लिए प्रेरित कर रहे हैं । ये बदलते हिंदुत्व की शक्ति का परिणाम है । हिंदू ,सनातन भगवान राम किसी का पेटेंट भी नहीं है ये तो श्रद्धा ओर आस्था का मार्ग है जो भी चलेगा वही पायेगा ।

पर ऐसा क्या हुआ जो सत्तर सालों में सवसे ज्यादा दंश सनातन को ही झेलना पढा है । आज भाले ही कोई ये दावा करे कि हमारे नेता ने ही भूमि पूजन करवाया था ,ताले भी हमने ही खोले अच्छी बात है इसको नकारा भी नहीं जा सकता ।पर ये भी स्वीकार करना चाहिए की भगवान राम के मंदिर न बनने देने में भी वही लोग थे उनकी ही पार्टी से थे ।ऐसे में कोई आलोचना करता है तो बुरा क्यों लगता है ।

यह क्षण वाकई बडे गौरव का हें सभी हिंदुस्तानियों को उत्साह से मनना चाहिए क्योंकि पांच सौ साल के लम्बे अंतराल के बाद यह घडी आई है । आश्चर्य तो इसलिए हो रहा है कांग्रेस के रुख में अचानक बदलाव आया है वह संदेह को जन्म दे रहा है ।ऐसा नहीं है कि कांग्रेस में हिंदू या सनातनी नहीं है पर वह सच को सच बोलने से डरते है वह अधिकतर इसी कोशिश में रहते थे की आलाकमान कहीं रूष्ट न हो जायें । बेसे भी मध्यप्रदेश में उपचुनाव की आहट भी है ओर सत्ता का पूरा खेल इसी बात पर निर्भर है कि उपचुनाव में किसकी गोटी बैठती है ।ऐसे में मतदाता के रुख को पहचाना भी जरूरी है । भगवान श्री राम के मंदिर से ही सही यदि हिंदुत्व की ओर कांग्रेस लोटती है तो कांग्रेस को जो फायदा होगा वह होगा पर हिंदुत्व की जयकार जरूर होगी।

comments