Saturday, October 31

भगवान श्री राम के मंदिर कि घडी आई

आज 500 सालों से जिसका इंतजार था ओर जिसके लिए न जाने कितने हिंदुओं ने अपने प्राण त्याग दिये थे । आज वह घडी आ गई जव हमारे आराध्य भगवान श्रीराम अपने बालक रुप में विराजमान होकर हमें आनंद प्रदान करेंगे । पर इस घडी को रोकने के लिए राक्षसी प्रवृति के लोग विघ्न डालने का प्रयास कर रहे है उससे जरा भी विचलित नहीं होना ।यह कोई पहलीबार थोडी हो रहा जव राक्षस बगैर विघ्न के कोई शुभ कार्य पूरा हो जाने दे ।

हमारे आराध्य ने तो अवतरण ही इसी लिये लिया था ।जव ऋषि मुनि यज्ञ करते थे तो ऐसे ही राक्षस उनके यज्ञशाला को नष्ट कर देते थे । समय जरूर बदल गया पर प्रवृत्ति थोडी बदली ।

अव सभी सनातनियों को एक ही काम करना है वो इनके कुतर्कों का कोई उत्तर न दे बस जयश्रीराम की तस्वीर पोस्ट करते चलें । ये विघ्नकारी अपने आप मुहूं बंद कर लेंगे क्योंकि अव ये थोडे ही बचे है ।हम उन्हें महत्व देते है तो उन्हें लगता है वो बढे प्रभाव शाली है । सरदार पटेल जी ने तो प्रधानमंत्री की चिंता नहीं की ओर सोमनाथ का मंदिर खडा करवा दिया था ।आपके धैर्य कि परीक्षा है ।

यह क्षण सिर्फ आनंद लेनें का है ।एक ओर भगवान श्रीराम जी का मंदिर का काम शुरू हो रहा है तो दूसरी ओर भगवान श्रीकृष्ण झूले का आंनद ले रहे है ।

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