Monday, January 18

लद्दाख में मोदी ने एक बार भी चीन का नाम नहीं लिया, पर चीन खुद बोलने लगा- हमें विस्तारवादी कहना निराधार

नई दिल्ली. गलवान झड़प के 18 दिन बाद शुक्रवार को नरेंद्र मोदी अचानक लद्दाख पहुंचे। मकसद जवानों का हौसला बढ़ाना और चीन को यह स्पष्ट संदेश देना था कि उसकी हरकतों को भारत बर्दाश्त नहीं करेगा। 9 घंटे के इस दौरे पर मोदी ने कहीं भी सीधे तौर पर चीन का नाम नहीं लिया। लेकिन, उनके इस दौरे पर चीन की प्रतिक्रियाओं ने यही जाहिर किया कि चोर की दाढ़ी में तिनका है।

मोदी के दौरे से घबराया चीन ने एक दिन में दो बयान जारी किए। पहली बार दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत की दुहाई दी और दूसरी बार विस्तारवादी होने का मोदी का तंज खुद ही अपने ऊपर ओढ़ लिया।

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