Monday, November 30

बाबा रामदेव को भी आगे आना चाहिए!

आज बाबा रामदेव बढा नाम वन गये है इस बात का हमें गर्व है, बैसे उन्हें भी है अक्सर वो अपनी ख्याति का गान स्वयं किया करते है ,अच्छी बात है आखिर हम जैसे लोग रोज पांच बजे से उनके चैनल को टीआरपी दिलाने का काम करते है ।उन्होंने भी व्यवस्था परिवर्तन की मुहिम चला कर हम जैसे लोगों का सहयोग लिया था ।भगवान की कृपा से आज सव तरफ से भारत की जय जयकार हो रही है ।ओर पतंजलि एक बढा ब्रांड वनकर दुनिया के सामने आ गया है ।यहां तक सव ठीक है ।

बाबा रामदेव जैसा पहले वेवाक बोल देते थे बैसा अव नहीं वोल पाते है क्योंकि अव वो योग गुरु के साथ उद्योगपति भी हो गये है ,तो तोलमोल के बोलने लगे है नहीं तो उन्होंने भी अपनी वेवाक राय रखने मे हिचकिचाहट नहीं दिखाई, चाहे जनेऊ बाला मामला हो ,हवनका हो य राशि फल बालों का हो य फिर शनिदेव बाला हो सभी जगह अपना आक्रोश जाहिर किया ओर किसी ने आपत्ति नहीं की उनका साथ दिया।

पर जव स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वती जी ने व्यासपीठ की गरिमा को बचाने की मुहिम चलाई तो बाबा रामदेव नदारत हो गये ,ये तो गलत बात है ,स्वामी चिदम्बरानन्दसरस्वती जी नेकहीं मुसलमानों का विरोध नहीं किया सिर्फ व्यासपीठ की गरीमा ओर सनातन संस्कृति का सम्मान की बात उठाई है उनकी इस मुहिम को आपार समर्थन मिल रहा है जैसा बाबा रामदेव जी को मिला था पर बाबा रामदेव जी का इस मुहिम से न जुडना उनके ही समर्थकों को दुःख पहुंचा रहा है।

बाबा रामदेव जी को स्वयं से आगे आकर अपने चैनल पर उसी तरह विरोध करना चाहिए जिस तरह से अन्य कुरुतियों का किया है ओर व्यासपीठ के शुद्धि अभियान मे अपना सहयोग देकर सनातन की ध्वजा को आगे बढाना चाहिए।इसमें चाहे मुरारी बापू हो ,चिन्मयानंद हो य फिर कहीं की देवी हो ।अपना उद्देश्य साफ रखना चाहिए।

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