Monday, September 21

Day: May 16, 2020

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माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश 10वीं के पेपर नहीं होंगे, 12वीं की परीक्षाएं 8 से 16 जून तक

भोपाल. माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल 10वीं के बचे हुए पेपरों की परीक्षा नहीं कराएगा. दसवीं के जो पेपर पहले हुए थे उन्हीं के आधार पर रिजल्ट बनाया जाएगा. खास बात यह है कि 10वीं के जो पेपर नहीं हुए हैं उनमें सभी को पास किया जाएगा. वहीं 12वीं शिक्षा मंडल ने 12वीं के बचे पेपरों की परीक्षा 8 से 16 जून के बीच होगी. दसवीं के स्थगित पेपर अब नहीं होंगे  8 से 16 जून के बीच होंगी 12वी की परीक्षाएं 12वीं की परीक्षाओं को लेकर तारीखों का ऐलान हो गया है. स्थगित पेपर 8 से 16 जून होंगे. स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव से चर्चा करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तारीखों की घोषणा की है. लंबे समय से एमपी बोर्ड के 12वीं के स्टूडेंट स्थगित पेपर को लेकर तारीखों की घोषणा का इंतजार कर रहे थे. ...
सोनी सब ने ‘कुछ स्‍माइल्‍स हो जाये….विथ आलिया’ के लॉन्‍च के साथ नये कंटेंट से दर्शकों को खुश किया
Uncategorized, राज्य समाचार, लाइफ स्टाइल, विविध

सोनी सब ने ‘कुछ स्‍माइल्‍स हो जाये….विथ आलिया’ के लॉन्‍च के साथ नये कंटेंट से दर्शकों को खुश किया

यह शो 18 मई से शुरु हो रहा है जिसका प्रसारण सोमवार और शुक्रवार रात 9 बजे किया जायेगा मुंबई, 15 मई, 2020: भारत का प्रमुख हिन्‍दी जनरल एंटरटेनमेन्‍ट चैनल सोनी सब इस मुश्किल घड़ी में अपने दर्शकों के चेहरे पर मुस्‍कुराहट लाने को तैयार है। वह नये तरह के शॉर्ट फॉर्मेट शो ‘कुछ स्‍माइल्‍स हो जाये…विथ आलिया’ को लॉन्‍च करने वाले हैं। इसे होस्‍ट किया है अनुषा मिश्रा और बलराज सयाल ने। अपने हल्‍के-फुलके और मनोरंजक कंटेंट के साथ खुशियां फैलाने को प्रतिबद्ध, यह चैनल 18 मई से इस शो का प्रसारण करेगा। 12 मिनट का यह शो हफ्ते में दो बार प्रसारित होगा, सोमवार और शुक्रवार, रात 9 बजे। इसमें सोनी सब के जाने-माने कलाकार घर पर रहते हुए मजेदार और रोमांच से भरपूर टास्‍क के जरिये दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। पहली बार सोनी सब के ‘तेरा क्‍या होगा आलिया’ फेम अनुषा मिश्रा एक बिलकुल ही नये अवतार में दिखेंगी। वह एक हो...
आपने ही देश मे ,प्रवासी हो गये ।
Uncategorized, भोपाल संभाग, राजधानी समाचार, संपादकीय

आपने ही देश मे ,प्रवासी हो गये ।

कैंसी बिडम्बना है जव देश का नागरिक अपने ही देश मे प्रवासी हो जाये ,ओर दुःख तो तव होता है जव जिनके ऊपर देश की जिम्मेदारी है वही उन मजदूरों पर राजनीति करते नजर आ रहे है ।राज्य सरकार भी इस संकट काल मे सियासत करते नजर आ रहे है। राज्य सरकारों की नाकामी देखिये मजदूरों का दर्द तक नहीं दिखाई दे रहा ,ऐसी भीषण गर्मी मे मजदूरों की दुर्गति वाकई दुख देना बाला है।इनके लिए ना तो विपक्ष सामने आ रहा ओर ना ही वो मजदूर संगठन जो इनकी राजनीति करते है।यदि राज्य सरकारें चाहती तो एक भी मजदूर इस दुर्दशा मे नहीं पहुचता । पर क्या करे किसी को उन मजदूरों का दर्द दिखाई नहीं दे रहा । आज मजदूरों की हालत देखिए पैदल चलकर उनके पैरों मे छाले पड गये , कोई भूख से बेहाल है तो कोई रास्ते मे ही दम तोड रहा है ,तो कोई मंजिल पर पहुंचने के पहले ही भगवान को प्यारा हो रहा है जितनी भी करूणा भरे किससे लिखे जाये तो वो कम है।आ...