Tuesday, September 29

पालकर की घटना के लिए कहीं ,आपभी तो जिम्मेदार नहीं ?

पालघर एकाएक पूरे देश के समाचार पत्रों की सुर्खियां वन गया।देश के हर नागरिक की जुवां पर पालघर का नाम लिया जाने लगा।आपको ज्ञात हे कि सोलाह अप्रैल की रात पालघर के निकट के गांव मे दो साधुओं सहित उनके ड्राइवर की हत्या कर दी थी।उस हत्या के बाद से महाराष्ट्र सरकार पर आरोपों की बौछार लग गई ,ओर आननफानन मे महाराष्ट्र सरकार ने करीब एक सौ पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया ।

इस घटना से देश का साधू समाज काफी आक्रोशित हे ।इस घटना के बाद सांप्रदायिक बातें भी जोर पकडने लगी हे ,जिस बीडीओ को देखकर देश आक्रोशित हुआ उसमे दूसरे धर्म के लोगों के नाम सुनाई पड रहे हे ,खैर जैसे जैसे जांच आगे बडी तो बढा ही चौकाने बाले तथ्य सामने आ रहे हे ,जिसमे सबसे बडी बात जो निकल कर आ रही हे वह हे धर्मांतरण जो आदिवासियों का किया गया हे ,ओर मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा हे वहां कोई बढे लेविल पर इस काम को कराया ही नहीं जा रहा बल्कि हिंदुओं के प्रति नफरत भी फैलाई जा रही है उसी का परिणाम हे ये साधुओं कु हत्या।

अव आप जिम्मेदार कैसे धर्मांतरण की घटना कोई पहली घटना नहीं हे ,ये सर्वविदित हे कि मिशनरियों द्वारा देश के गरीब ,आदिवासी इलाकों मे अपने धर्म के प्रचार के नाम पर भोले भाले लोगों को प्रलोभन देकर इसाई वनाने का काम किया जाता रहा हे ,यहां तक भी किसी ने कोई अपत्ति नहीं कि पर अव ये लोग हिंदुओं के प्रति जहर घोलने का काम करने लगे हे इससे समाज मे बैमनस्यता ने जन्म ले लिया हे ।इस तरह कि घटनाएं अभी तक आदिवासी इलाकों मे हुआ करती थीं ।पर अव ये घटनाएं आप अपने आसपास भी महसूस कर सकते हे ।

जिस मिशनरी स्कूल मे आप अपने बच्चों को पढा कर सीधा अंग्रेज बनाना चाहते हे ,क्या आपने गौर किया हे आपके मिशनरी स्कूल मे पढने बाले बच्चे ओर गैर मिशनरी स्कूल के बच्चों के संस्कारों मे कितना अंतर हे। अक्सर ये भी सुनाई देता हे कि मिशनरी स्कूल मे टीका लगाकर ,कलावा बांध कर स्कूल नहीं जा सकते ओर यहीं से शुरुआत होती है।आपको फीस समय पर चुकानी होती है ,बराबर सम्मान मिलता नहीं हे ओर आपके पैसे का उपयोग कोनसे सामाजिक कार्य मे खर्च होता हे इसका भी ज्ञान नहीं रहता ।ऐसे मे आप भी अपरोक्ष रूप से कहीं न कहीं हिस्सेदार बन जाते हैं।

comments