कोर्ट का फरमान जनसँख्या नियंत्रण पर हो कानून

भारत में हो रही वेतहास जनसँख्या बृद्धि पर अब कोर्ट भी सख्त हो गया हैं | जनसँख्या बृद्धि एक बड़े विस्फोट के रूप में सामने आ रही हैं उसे देखते हुए माननीय नयायालय ने सरकार को नोटिस जारी किया हैं और जनसख्या बृद्धि पर रोक के उपाय पर जबाब माँगा हैं | जनसँख्या नियंत्रण की मांग पहले से ही उठती आ रही हैं, कई राजनैतिक पार्टिया जनसंख्या बृद्धि पर रोक की मांग कर चुकी हैं और इस पर चिंता भी जाहिर की जा रही हैं पर कोई भी राजनैतिक पार्टी इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही हैं अकसर देखा गया हैं जो पार्टी सत्ता में होती हैं वह उस समय मांग करती हैं और जब विपक्ष में होती हैं तो विरोध करती हैं पर राष्ट्रीयहित के मुद्दों पर एक राय बनती नजर नहीं आती हैं|

पूर्व में भी इंदिरा गाँधी सरकार ने जनसँख्या कानून को लेकर व्यापक स्टार पर कार्यक्रम चलाये थे पर कोई कानून को अमलीजामा नहीं पहनाया जिससे समस्या वही के वही हैं जब तक इस दिशा में कोई ठोस कानून नहो होगा तब तक जनसँख्या बृद्धि को रोकना मुश्किल लगता हैं | अब जब सरकार को न्यायालय से फटकार लगी हैं तो हो सकता हैं वब इस दिशा में कोई पहल की जाये बैसे यह सर्वविधिक हैं की भारत की जनसँख्या में तेजी से बृद्धि हुयी है इसी तरह की बृद्धि होती रही तो एक एक दिन चीन को पीछे छोड़ देंगे हम यदि चीन की बात करे तो चीन ने सख्त कानून का सहारा लेकर ही अपना ही अपने यहाँ विस्फोटक होती जनसख्या सफलता पायी हैं इसलिए भारत को भी इस गंभीर समस्या ठोस कानून लेकर आना चाहिए तभी इस समस्या से निजात पायी जा सकती हैं|

जनसँख्या बृद्धि का असर भारत की जीवन शैली पर पड़ रहा हैं क्योँकि सीमित होते संसाधन पर जनसँख्या का बिस्फोटक ु[भोड़ कही न कही देश की व्यस्था को बिगाड़ता हैं | इसलिए सरकार को चाहिए की वह शीघ्र ही जनसँख्या नियंत्रण का कानून लाये और देश की बेतहाशा जनसँख्या को रोकने में मदद करे |

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