देश में पिछले साल 4196 घंटे बंद रहा इंटरनेट

नईदिल्ली| अनुच्छेद 370 हटने के बाद से कश्मीर में जारी इंटरनेट पर पाबंदी को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इंटरनेट एक्सेस दिया जाना संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत लोगों का बुनियादी हक है। कोर्ट ने ये भी कहा कि इंटरनेट अनिश्चितकाल के लिए बंद नहीं किया जा सकता, भारत में अलग-अलग हिस्सों में 4 हजार 196 घंटे इंटरनेट बंद रहा। इससे 9 हजार 300 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

सबसे ज्यादा घंटों तक इंटरनेट पर रोक लगाने के मामले में म्यांमार और चाड के बाद भारत तीसरे नंबर पर रहा। म्यांमार में 4 हजार 880 और चाड में 4 हजार 728 घंटे इंटरनेट पर रोक लगी। रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर में 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2019 तक 3 हजार 692 घंटे इंटरनेट बंद रहा। इससे राज्य को 2019 में 7 हजार 600 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ। इंटरनेट शटडाउन वेबसाइट के अनुसार कश्मीर में पिछले 159 दिनों से इंटरनेट पर पाबंदी है, जो 4 अगस्त 2019 से ही लागू है।

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