निजी कम्पनियो के हाथो में होगी एयर इंडिया की कमान

नईदिल्ली|पब्लिक सेक्टर की एअर इंडिया का निजीकरण लगभग तय हो गया है. यह जानकारी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सदन को दी है. उन्‍होंने राज्‍यसभा में बताया कि एअर इंडिया को अब चलाना असंभव है. उन्‍होंने बताया कि हर दिन हमें 15 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. वहीं 20 एयरक्राफ्ट की कमी से जूझ रहे हैं. इसलिए हमें हालत सुधारने और फिर विनिवेश करने की जरूरत है.

यह पहली बार है जब सरकार ने स्पस्ट तौर पर एअर इंडिया के निजीकरण की बात कही है. इससे पहले सरकार एअर इंडिया के विनिवेश की कोशिश कर रही थी. विनिवेश की कई कोशिशें नाकाम भी हो चुकी हैं. बता दें कि विनिवेश प्रक्रिया निवेश का उलटा होता है. जहां निवेश किसी कारोबार, किसी संस्था या किसी परियोजना में रकम लगाना होता है तो वहीं विनिवेश का मतलब उस रकम को वापस निकालना होता है.एअर इंडिया को इस वित्त वर्ष में 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज का भुगतान करना है. कंपनी ने इस पर सरकार की मदद मांगी थी, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया. सरकार इस एयरलाइन में अपनी 76 फीसदी हिस्‍सेदारी बेचना चाहती है.

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