Monday, November 30

गोद में बैठकर आया दूल्हा, हाथों के सहारे चलकर लिए दुल्हन संग फेरे

groom_1434753228खंडवा(इंदौर). शुक्रवार को नि:शक्तों का सामूहिक विवाह हुआ। इस दौरान 15 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। सीमा ने दोनों पैरों से नि:शक्त मिथुन वास्कले से शादी की। रिश्तेदारों ने गोद में उठाकर मिथुन को मंडप तक पहुंचाया। सीमा सहित सात युवतियां रानी लालसिंह, वर्षा राजाराम, सीमा भारसिंह, सीमा गोपाल, संगीता रग्दा, ठुमरी प्रताप, संगीता ज्ञानसिंह ने नि:शक्त युवकों और एक सामान्य युवक रामेश्वर ने नि:शक्त युवती से शादी कर एक उदाहरण पेश किया। कुछ विकलांग दूल्हों ने हाथों के सहारे चलकर सात फेरे लिए तो कुछ बैठे रहे। उनकी दुल्हनों ने फेरे लिए।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत कांता विकलांग सेवा ट्रस्ट झाकर के तत्वावधान में आयोजन हुआ। मंगल भवन में सुबह 11.30 बजे से शादी की रस्में शुरू हुई। आयोजन गायत्री परिवार ने कराया। श्रम मंत्री और सांसद ने नवविवाहित दंपतियों को आशीर्वाद देकर उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। सैकड़ों लोग इस आयोजन के गवाह बने। सामूहिक विवाह में शामिल तीन युवक ऐसे थे जो दोनों पैरों से विकलांग थे।इनकी हुई शादी

बड़वानी, निवाली, राजपुर और पाटी के जोड़े शामिल हुए। अनिल और संजिता, लनखन और मेथली, आपसिंह और सीमा, भीमसिंह और सुशीला, मिथुन और सीमा, रामेश्वर और कल्पना, बाबूलाल और सायटी, अनूप और संगीता, काशीराम और वर्षा, गुड्‌डू और भागड़ा, राकेश और हुमटी, तुलराम और रानी, प्रकाश और चंपा, दिनेश और अंकिता विवाह बंधन में बंधे।

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