जनता ने दिए 50 करोड़ तो 35 करोड़ पर ठेका क्यों

11ग्वालियर। जब वर्ष 2012 में निजी कंपनी ने ठेका लिया और उसी दर पर वर्ष 2014 में ठेका क्यों दिया जा रहा है, जबकि सरकारी योजना के तहत खर्च किए जा रहे हैं और राजस्व वृद्धि हो गई है तब निजी कंपनी को ठेका क्यों दिया जा रहा है। यह बात सजग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने एसडीएम विदिशा मुखर्जी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कही। उन्होंने न केवल कलेक्ट्रेट का घेराव किया बल्कि मांग न मानने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। उनके साथ जिले के 35 संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे जिनकी संख्या सैकड़ों में थी। सजग प्रकोष्ठ ने अपने ज्ञापन में कहा कि बिजली अति आवश्यक सेवा है जिसमें एकाधिकार और प्रतिस्पर्धा न होने से उपभोक्ता का शोषण होगा। उच्च न्यायालय अभिभाषक संघ के अध्यक्ष प्रेमसिंह भदौरिया ने कहा कि यह अति आवश्यक सेवा है जो कि सरकार के हाथ में ही रहना चाहिए।
कल सलाकार संघ के अध्यक्ष जेसी गोयल और सचिव अनिल अग्रवाल ने कहा कि सरकार यदि अति आवश्यक सेवाओं का निजीकरण करेगी तो इसका भार कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवार पर पड़ेगा। लॉयस क्लब ग्वालियर सिटी अध्यक्ष साकेत गुप्ता ने कहा कि सरकार को जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटना चाहिए, व्यापारवाद को आवश्यक सेवाओं में बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। राष्ट्रीय युवक परिषद के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने कहा कि बिजली का निजीकरण एक नए अपराध को जन्म देगा जिसे सहन नहीं किया जाएगा।

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