दिनांक 01 June 2020 समय 1:47 AM
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व्यासपीठ की गरिमा को बचाने आगे आये! स्वमी चिदम्बरानन्द सरस्वती

देश को जिस मुहीम का इंतजार था ,आखिर उसकी अलख जग ही गई ।बहुत दिनों से लोग सनातन धर्म के साथ हो रहे मजाक को मजबूरी मे सहन कर रहे थे ,पर अव देश के एक संत ने इसे रोकने के लिए अलख जगा दी है । इस महान संत का नाम है स्वमी चिदम्बरानन्द जी सरस्वती।

व्यासपीठ को हंसी का पात्र वनाने बाले मुरारी बापू, चिन्मयानंद जी, देवी चित्रलेखा के खिलाफ सनातन धर्म के लोगों के साथ स्वमी चिदम्बरानन्द जी सरस्वती जी ने व्यासपीठ की गरिमा को बचाने के लिए मुहिम छेड दी है इसमें उन्हें देश विदेश के सच्चे सनातनियों का साथ मिल रहा है । यह बडा कठिन कार्य था इसमें हाथ डालने का मतलब इन बढे आडम्बर बाले कथा वचाकों के हजारों लाखों अनुयायियों का विरोध का सामना करना पर सनातन की गरिमा को बचाने किसी को तो आगे आना ही चाहिए था।सबसे बडी बात ये है इन कथा वाचकों के पीछे बढे बढे लोगों का हाथ है ,मंत्री, संत्री इनके आगे पीछे घूमते नजर आते है,बढा ही ग्लैमर के बीच रहने बाले संतो के खिलाफ बोलना सच में बढा ही साहस का काम है।जैस चित्रलेखा जी पर बालकृष्ण जी कृपा बताई जा रही है इसलिए बाबा रामदेव जी तुंरत उनके बचाव मे आ गये।जबकि बाब रामदेव जी स्वयं पाखंडी साधुओं के खिलाफ बोलते नजर आये है।ओर यदि उनका कोई गलत करे तो बचाव ठीक नहीं है।

आपको बता दे जिन संतो का ऊपर अभी जिक्र किया वह कथा के साथ फिल्मी गाने शेर शायरी अजान ओर न जाने क्या क्या आडंबर उस व्यासपीठ पर बैठ कर करते जिससे सनातन धर्म हंसी का पात्र बनता ।अक्सर लोग कहते इन लोगों पर कोई अंकुश कोई क्यों नहीं लगाता ।पर धर्म के मामले में सभी मौन रह जाते। खैर अव इस मुहिम मे लोग जुडने लगे है ओर साधू संत सभी आगे आ रहे है इसी की आवश्यकता भी थी।

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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