दिनांक 01 June 2020 समय 1:44 AM
Breaking News

व्यासपीठ की गरिमा का अनादर करने वालों की मैंं ,निंदा करता हूँ !डा.रामकमल दास वेदांती

मथुरा।इन दिनों सोशलमीडिया पर देश के नामी कथावाचक लोगों के गुस्से का शिकार हो रहे है ,कारण है व्यासपीठ से कहीं फिल्मी गाने गाना ,तो कहीं शेर शायरी करना ,तो कोई कथा के दौरान अजान हो रही हो तो कथा रोक देना जैसी बाते करना शामिल है।जव ये बात स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वती जी ने जनता के सामने रखी तो सनातन धर्मावलंबी उन संतों के विरोध मे आ गये ओर देश के नामी साधू संतों ने भी अपना विरोध जताया।

इसी क्रम में स्वमी श्री रामकमल दास वेदांती जी ने भी बढी कठोर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि व्यासपीठ की गरिमा का सम्मान होना चाहिए ,उनहोंने कहा व्यासपीठ पर बैठकर हम अपनी ओर से कुछ नहीं बोल सकते जो व्यासजी महाराज ने कहा है उसी को आगे बढा सकते है क्योंकि हम तो मात्र उनके प्रतिनिधि है।यदि जो लोग ऐसा न करके शेर शायरी करते हैं ,य बोतल बाले गाना गाते है हम उनकी निंदा करते है इतना ही नहीं उन्होंने कहा यदि देवी चित्रलेखा यह कहती है की कथा के दौरान यदि अजान हो रही हो तो कथा रोकदेना चाहिए तो वो गलत कह रही है कथा तो एक यज्ञ है ओर यज्ञ रोका नहीं जा सकता,ओर रोकना है तो अजान रोक दीजिये ।उन्होंने कहा यह निंदनीय है ।

स्वामी रामकमल दास वेदांती जी स्वयं एक कथा वाचक है ओर ,आपने रामचरितमानस पर पीएचडी की हुई है ,आपकी जितनी पकड़ रामचरितमानस पर है उतनी ही पकड़ श्रीमद्भागवत पर है ।व्यासपीठ का आदर ओर सम्मान आपकी कथाओं मे देखा जा सकता है चार चार घंटे की कथा में कभी भी मूलग्रंथ से हटकर कथा नहीं कहते।

comments

About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
Scroll To Top