दिनांक 18 December 2017 समय 1:06 AM
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NIA के सामने सबसे बड़ा सवाल, इतने हथियार लेकर एयरबेस में कैसे घुसे आतंकी?

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नई दिल्ली. पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले 6 आतंकियों के मारे जाने के बाद भी वहां 45 धमाके हुए। बुलेट्स की 27 मैगजीन भी बरामद हुईं। एनआईए जांच कर रही है कि आखिर छह आतंकी इतने हथियार लेकर घुसे कैसे? कहीं उन्हें एयरबेस के अंदर से कोई मदद तो नहीं मिली?

betwaanchal news

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हमले के कई घंटे पहले ही घुस चुके थे आतंकी?
– आतंकियों ने पहली गोली दो जनवरी को तड़के 3.30 पर चलाई थी। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के कई घंटे पहले ही आतंकी एयरबेस में घुस चुके थे।
– सवाल यह उठ रहा है कि 10 मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल और उसके ऊपर दो मीटर वायर फेंसिंग को फांदकर आतंकी अंदर घुसे कैसे?
– यह सवाल इसलिए और अहम हो जाता है कि उनके पास भारी बैक-पैक थे।
– एनआईए इस सवाल का जवाब भी खोजेगी कि बैक-पैक में इतना सामान कैसे आ सकता है जितना आतंकियों के मारे जाने के बाद बरामद हुआ।
अपडेट…
– गुरदासपुर के पूर्व एसपी. सालविंदर सिंह सोमवार को पूछताछ के लिए एनआईए के दिल्ली हेडक्वार्टर पहुंच चुके हैं।
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सालविंदर का लाई डिटेक्टर टेस्ट भी कराया जा सकता है।
क्यों उठ रहे हैं ये सवाल?
– सूत्रों के मुताबिक, सुसाइड बॉम्बर अपने साथ ज्यादा सामान लेकर नहीं चलते। अगर इंटरनेशनल बॉर्डर क्रॉस करके हमला करना हो तो सामान और भी कम रखा जाता है। लेकिन पठानकोट में ऐसा नहीं हुआ।
– यही वजह है कि एनआईए को लग रहा है कि आतंकियों को एयरबेस के अंदर से मदद मिली होगी। हथियारों के अलावा आतंकियों के पास दवाएं और फूड पैकेट्स भी थे।
तो क्या स्मगलिंग के जरिए पहुंचे थे हथियार?
– एनआईए को लगता है कि एयरबेस के अंदर कोई शख्स ऐसा हो सकता है जिसने न सिर्फ आतंकियों को घुसने में मदद की बल्कि स्मगलिंग के जरिए हथियार और एक्सप्लोसिव भी अंदर तक पहुंचाए।
– एयरबेस में तीन हजार फैमिली भी रहती हैं। पठानकोट में ड्रग स्मगलिंग रैकेट भी एक्टिव है। एनआईए की जांच का दायरा इन लोगों तक भी पहुंच सकता है।
– एनआईए को शक है कि पैसे के लालच में शायद आतंकियों की मदद की गई हो।
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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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