सिरोंज-अस्पताल संचालकों पर एफआईआर | BetwaanchalBetwaanchal सिरोंज-अस्पताल संचालकों पर एफआईआर | Betwaanchal
दिनांक 27 May 2019 समय 2:31 PM
Breaking News

सिरोंज-अस्पताल संचालकों पर एफआईआर

betwaanchal.com

betwaanchal.com

सिरोंज-प्रायवेटनर्सिंग होम संचालकों पर प्रशासन द्वारा रविवार को की गई कार्रवाई का व्यापक असर सोमवार को दिखाई दिया। शहर के अधिकांश झोलाछाप डाक्टरों के क्लीनिक एवं अस्पतालों पर दिनभर ताले लगे रहे। सील किए गए अस्पतालों की प्रशासन द्वारा सोमवार को वीडियोग्राफी भी करवाई गई। मामले में सात अस्पताल संचालकों ंपर सिरोंज थाने में प्रकरण भी दर्ज किए गए हंै।

रविवार को सीएमएचओ पंकज चतुर्वेदी एवं एसडीएम चंद्रमोहन ठाकुर ने शहर में संचालित अनेक प्रायवेट अस्पतालों एवं क्लीनिकों पर छापामार कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान प्रशासन द्वारा बामौरा रोड पर संचालित मेट्रो अस्पताल, टोरी मोहल्ला में संचालित राज नर्सिंग होम, लिंक रोड स्थित आरोग्य अस्पताल, छतरी चौराहा स्थित पाली क्लीनिक तथा राज बाजार स्थित निजी अस्पताल के साथ ही चांदनी चौक एवं तलैया मोहल्ले में संचालित क्लीनिकों को सील कर दिया था। कार्रवाई के दायरे में आए नर्सिंग होम संचालकों द्वारा नियम-कायदों को ताक में रखकर इनका संचालन किया जा रहा था।

इन अस्पतालों के बोर्ड पर बाकायदा एमडी और एमबीबीएस डिग्री का उल्लेख किया गया था। जांच के दौरान अस्पताल में इस तरह की उपाधि प्राप्त तो कोई डाक्टर मिला और ही अस्पताल संचालन के लिए जरूरी दस्तावेज मिले।

रविवार को हुई इस कार्रवाई का असर शहर में सोमवार को भी दिखाई दिया। सोमवार को शहर के विभिन्न इलाकों में संचालित पचास से अधिक झोला छाप डाक्टरों की क्लीनिकों पर ताला लगा दिखाई दिया।

बड़ी संख्या में क्लीनिक संचालकों ने अपनी दुकानों के बोर्ड भी हटा लिए हैं। गलियों मे संचालित डाक्टरों की क्लीनिक जरूर खुली दिखाई दी।

इन क्लीनिकों पर सुबह से लेकर शाम तक खासी भीड़ लगी दिखाई दी। सोमवार को ही पुलिस प्रशासन द्वारा सील किए गए सभी अस्पतालों एवं क्लीनिकों की वीडियोग्राफी भी करवाई गई है। पहली बार प्रशासन ने इस मामले में कठोर रवैया अपनाया है।

सरकारी अस्पताल में बढ़े मरीज

प्रशासनकी इस कार्रवाई के बाद भोपाल रोड स्थित शासकीय राजीव गांधी स्मृति चिकित्सालय में मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। शहर से दो किलोमीटर दूर होने की वजह से इस अस्पताल में काफी कम मरीज पहुंचते थे। इस दूरी का फायदा झोलाछाप डाक्टरों द्वारा उठाया जा रहा था। सोमवार को शहर के प्रायवेट क्लीनिकों के बंद होने की वजह से सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। दोपहर में अस्पताल के अधिकांश पलंगों पर मरीज दिखाई दिए। डाक्टर मुकेश तिवारी ने बताया कि आमतौर पर अस्पताल में प्रतिदिन औसतन सौ मरीज आते हैं लेकिन सोमवार को दोपहर तक दो सौ मरीज चुके थे।

िसरोंज में झोलाछाप डाक्टरों पर कार्रवाई के चलते सोमवार को क्लीनिकों पर दिनभर ताले लगे रहे

comments

About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
Scroll To Top