दिनांक 16 October 2018 समय 12:26 AM
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HSBC में भारतीयों के 25420 करोड़ जमा, सामने आए नाम

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black_moneyनई दिल्ली

स्विट्जरलैंड में एचएसबीसी बैंक में अकाउंट रखने वाले दुनिया भर के 203 देशों के करीब एक लाख खाताधारकों के नाम सामने आए हैं, जिनमें करीब 1200 भारतीय भी हैं। इस लिस्ट में इन खाताधारकों के 2006-07 में बैंक में जमा की गई रकम का खुलासा भी हुआ है, जो करीब 25, 420 करोड़ रुपये हैं। हालांकि, हम आपको बता दें कि स्विस बैंक में किसी का पैसा होने भर से यह ब्लैक मनी नहीं हो जाता है।

यह लिस्ट फ्रांस के अखबार ‘ले मोंद’ को फ्रांस की सरकार के सूत्रों से मिली। इसके बाद अखबार ने इसे वॉशिंगटन के पत्रकारों के एक कंसोर्टियम के साथ शेयर किया। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने इस लिस्ट में शामिल भारतीयों के नाम और जमा रकम के बारे में विस्तृत खबर छापी है। जांच में पता चला है कि इस लिस्ट में स्विट्जरलैंडज में एचएसबीसी बैंक के 1195 भारतीय ग्राहक हैं। यह फ्रांस की ओर से भारत को 2011 में सौंपे गए 628 नामों की तुलना में दोगुना है। संभावना है कि नए खुलासों के बाद ब्लैक मनी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआइटी) की जांच के दायरे में खासा इजाफा होगास लिस्ट में शामिल भारतीय नामों में कई बिजनसमैन, हीरों के व्यापारी, कांग्रेस के कई नेता और उनके परिवार से जुड़े लोग और एनआरआई के नाम हैं। दस्तावेज बताते हैं कि भारत के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी ने 2001 में एचएसबीसी में दो अकाउंट खुलवाए थे। इनमें 2006-07 में करीब 165 करोड़ रुपये जमा थे। 2007 में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का भी अकाउंट खुलवाया गया था। कंपनी के अकाउंट में 638. 6 करोड़ रुपये थे। हालांकि, कंपनी इस बारे में पहले सफाई दे चुकी है कि ये सभी अकाउंट भारतीय कानूनों के अनुसार ही खुलवाए गए हैं और देश में सक्षम अधिकारी के सामने इसकी सूचना दी जा चुकी है।

मुकेश के छोटे भाई अनिल अंबानी भी पीछे नहीं हैं। बैंक के दस्तावेज के मुताबिक, जनवरी 2005 में बैंक की ओर से ही अकाउंट खुलवाने के लिए उनसे संपर्क किया गया था और दो दिन बाद उन्होंने पैसे जमा करवाए थे। उनके अकाउंट में भी करीब 165 करोड़ रुपये थे। इसके अलावा उनकी मां कोकिला बेन का भी बैंक में अकाउंट है, लेकिन इसका ब्योरा नहीं दिया गया है। अनिल अंबानी के ऑफिस ने इस बारे में बयान दिया है कि उनका विदेश में एचएसबीसी के किसी भी ब्रांच में अकाउंट नहीं है।

इसके अलावा कारोबाज जगत से जुड़े लोगों में जेट एयरवेज के नरेश गोयल (116 करोड़ रुपये), डाबर का बर्मन परिवार (77. 5 करोड़ रुपये), डालमिया ग्रुप के अनुराग डालमिया (59.5 करोड़ रुपये), मनु छाबड़िया परिवार (784 करोड़), महेश टीकमदास थारानी (251.7 करोड़), कांग्रेस की पूर्व सांसद और व्यवसायी अनु टंडन (35.8 करोड़), दत्ताराज वासुदेव सलगावकर और दीप्ति सलगावकर (32 करोड़), कुलदीप सिंह ढींगरा और गुरबचन सिंह ढींगरा (25.6 करोड़), लाडली प्रसाद जायसवाल (21.6 करोड़), संदीप टंडन (166.1 करोड़), श्रवण गुप्ता और शिल्पी गुप्ता (209.56 करोड़), कुमार वेणु रमन (18.97 करोड़), भूषणलाल साहनी और परिवार (16.7 करोड़ सामूहिक), एडमिरल एसएम नंदा और सुरेश नंदा (14.2 करोड़), भद्रश्याम कोठारी परिवार (195.6 करोड़), मोहम्मद हसीब शॉ (13.2 करोड़), धर्मवीर तनेजा (10.8 करोड़), आलोक भारतीया ( 8.37 करोड़), विश्वनाथ गरोदिया (6.6 करोड़), ब्रिजेंद्र कुमार पोद्दार (5.9 करोड़) के नाम प्रमुख हैं।

राजनीति जगत से जुड़े लोग भी स्विस बैंक अकाउंट खुलवाने में पीछे नहीं है। हालांकि, इनमें से ज्यादातर ने अपने अकाउंट मानने से इनकार कर दिया है। यूपीए सरकार में मंत्री रहीं परणीत कौर, उन्नाव से कांग्रेस की पूर्व सांसद अनु टंडन और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे की पत्नी नीलम राणे और उनके बेटे निलेश राणे के अकाउंट होने की बात सामने आई है। इसके अलावा कांग्रेस के दिग्गज नेता और मंत्री रहे वसंत साठे के बेटे और बहू, बाल ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे के अकाउंट भी एचएसबीसी बैंक में थे। फिल्म इंडस्ट्री से केवल ऐक्ट्रेस महिमा चौधरी का नाम इस लिस्ट में है, लेकिन जमा रकम का ब्योरा नहीं है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के सवाल के जवाब में उन्होंने इस बारे में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

इस लिस्ट में सबसे अधिक पैसा जिसके खाते में है, वह हैं कोलकाता में पैदा हुए कपड़ा व्यवसायी महेश टीकम थारानी। वह अब अमेरिका में रहते हैं। उनके खाते में करीब साढ़े नौ करोड़ डॉलर की रकम थी। इस लिस्ट में जिस व्यक्ति के खाते में सबसे कम पैसा है, वह हैं गुजरात में पैदा हुए ब्रितानी नागरिक नमन सरवर मलिक। जिनके खाते में 669 डॉलर की रकम थी। इसके अलावा कुछ रहस्यमय खाताधारक भी हैं, ऐसा ही एक खाता एचजीपी के नाम से है, जो कोलकाता में पैदा हुए किसी ब्रितानी नागरिक का है। स्टेटमेंट में इस व्यक्ति का पता कार्लटन हाउस टेरेस दिया गया है। इस खाताधारक ने बैंक से अनुरोध किया था कि उसके सभी तरह के लेन-देन को सेफ डिपाजिट बॉक्स में रखा जाए। 74 साल के इस व्यक्ति के खाते में 13.35 करोड़ डॉलर की राशि है। खोजबीन में पता चला है कि इस सूची में 276 खाताधारक ऐसे हैं, जिनके खाते में कम से कम 10 लाख डॉलर की रकम हैं। इनमें से 85 खाताधारक भारत में ही रहते हैं

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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