दिनांक 16 November 2018 समय 4:05 PM
Breaking News

व्यापमं मामले में अलग-थलग पड़े शिवराज

ShareGoogle+FacebookLinkedInTwitterStumbleUponEmail

shivraj-Singhभोपाल
व्यापमं घोटाले को लेकर विपक्ष के निशाने पर चल रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह धीरे-धीरे अकेले पड़ते जा रहे हैं। विपक्ष के हमले के चलते विधानसभा का बजट सत्र अचानक स्थगित होने के बाद खुद शिवराज मंत्रिमंडल के सदस्य यह मान रहे हैं कि मुख्यमंत्री को कांग्रेस के आरोपों का कानूनी जवाब देना चाहिए। जिस तरह दिग्विजय सिंह ने हलफनामा देकर आरोप लगाए हैं, उन्हें देखते हुए मुख्यमंत्री कम से कम हलफनामा देकर उत्तर तो दे ही सकते हैं।

उधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर डर्टी पॉलिटिक्स करने और तथ्यहीन आरोप लगाने की बात दोहराई है। शिवराज लगातार यही कहते आ रहे हैं कि मेरी क्लिन इमेज से कांग्रेस भयभीत है। लगातार हार रही कांग्रेस के नेता बौखला कर झूठे आरोप लगा रहे हैं। लेकिन उनके आरोपों से जनता गुमराह नहीं होगी। दिग्विजय सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के सवाल पर शिवराज अब भी मौन साधे हुए हैं।

व्यापम मुद्दे पर शिवराज पर आरोप लगने के बाद बीजेपी नेतृत्व, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य और विधायक सांसद सार्वजनिक रूप से यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे मुख्यमंत्री के साथ हैं। लेकिन ज्यादातर मंत्री चाहते हैं कि मुख्यमंत्री को कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। गुरुवार को विधानसभा सदन अचानक स्थगित होने के बाद इस संवाददाता ने शिवराज मंत्रिमंडल के करीब आधा दर्जन सदस्यों से अलग-अलग बात की। नाम न छापने की शर्त पर इन मंत्रियों ने बेबाक होकर अपनी बात कही। एक वरिष्ठ मंत्री का कहना था कि हम जानते हैं कि मुख्यमंत्री पर लग रहे आरोप गलत हैं।

उल्लेखनीय हैं कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने गत 16 फरवरी को व्यापम जांच की निगरानी कर रही एसआईटी के सामने हलफनामा और अन्य दस्तावेज देकर यह आरोप लगाया था कि व्यापम घोटाले में मुख्यमंत्री और उनके परिजन भी शामिल हैं। दिग्विजय के आरोपों के बाद से ही प्रदेश में हंगामा जारी हैं

ShareGoogle+FacebookLinkedInTwitterStumbleUponEmail

comments

About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
Scroll To Top