दिनांक 25 April 2018 समय 4:20 PM
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अब तक छप्पन-2 मूवी रिव्यू

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Ab-tak-chhappan-2कलाकारनाना पाटेकर, गुल पनाग, विक्रम गोखले, गोविंद नामदेव, आशुतोष राणा, मोहन आगाशे और राज जुत्शी

निर्देशकएजाज गुलाब
ऐसा कम ही हुआ है जब बॉक्स ऑफिस पर किसी हिट फिल्म का सिक्वल बनने में ग्यारह साल का लंबा वक्त लग गया हो। इसे भी संयोग ही कहा जाएगा कि राम गोपाल वर्मा के निर्देशन में बनी नाना पाटेकर स्टारर इस फिल्म का पार्ट वन भी 27 फरवरी को रिलीज हुआ था, और अब इसका सिक्वल भी सिनेमा के पर्दे पर ठीक इसी तारीख पर पहुंचा है। जहां रामू के निर्देशन में बनी फिल्म की अवधि करीब ढाई घंटे की रही, वहीं यंग डायरेक्टर एजाज गुलाब ने फिल्म के सिक्वल को पौने दो घंटे में ही समेट दिया।

काफी लंबे अर्से बाद इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के बेहद संजीदा नाना पाटेकर ने एक बार फिर अपनी ऐक्टिंग की छाप छोड़ी है। इस बार भी नाना ने एनकाउंटर स्पेाशलिस्ट कॉप साधु आगाशे का किरदार निभाया है। करीब चौंसठ साल के नाना ने इस फिल्म में कई ऐसे ऐक्शलन सीन्स भी किए है, जिन्हें देखकर आप चौंक जाएंगे। यंग डायरेक्टर एजाज की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने स्क्रिप्ट के मुताबिक फिल्म की स्पीड कहीं कमजोर नहीं होने दी और फिल्म को बॉक्स आफिस पर हिट कराने के मकसद से कोई आइटम नंबर तक नहीं परोसा। वहीं, शुरू से अंत तक इस ऐक्शन मूवी में मार-धाड़ और जबर्दस्त ऐक्श न सींस देखने को मिलेंगे।

कहानी: मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन रावले बैंकॉक से अपने बॉस रऊफ लाला (मोहन जुत्शी) के इशारे पर अपनी आपराधिक गतिविधियों का संचालन कर रहा है। रावले और उसके गिरोह का दबदबा दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। स्टेट का होम मिनिस्टर जनार्दन जागीरदार (विक्रम गोखले) रावले की गतिविधियों को समाप्त करना चाहता है। जागीरदार के साथ-साथ स्टेट के चीफ मिनिस्टर अन्ना साहेब भी उसको रोकने में लगे हैं। चीफ मिनिस्टर और होम मिनिस्टर दोनों जानते हैं कि अगर स्टेट से रावले और उसके गिरोह को खत्म करना है तो एक बार फिर मुंबई की एनकाउंटर स्कवॉड को छोड़कर गांव वापस लौट चुके एनकाउंटर कॉप साधु आगाशे (नाना पाटेकरॉ) को वापस लाना पड़ेगा। दूसरी ओर पत्नी की हत्या के बाद गांव में अपने इकलौते बेटे के साथ जिंदगी गुजार रहा साधु अब कॉप बनना नहीं चाहता, लेकिन जब उसका बेटा उसे समाज को अपराध से मुक्ति दिलाने के लिए कहता है तो साधु एक बार फिर मुंबई लौटता है। मुंबई में अपने बेटे के साथ लौटे साधु को होम मिनिस्टर एनकाउंटर सेल का हेड बना देता है और यहीं से शुरू होता है साधु का नया मिशन। इस मिशन में साधु के साथ जर्निलस्ट (गुल पनाग) भी हैं।

ऐक्टिंग: कई साल बाद अब तक छप्पन 2 के जरिए साधु आगाशे यानी नाना की जबर्दस्त वापसी हुई है। नाना एक बार फिर फुलफॉर्म में नजर आए है। उनकी डायलॉग डिलिवरी के साथ-साथ उन पर फिल्माए ऐक्शन सीन्स जोरदार बन पड़े हैं। करप्ट इंस्पेक्टर के किरदार में आशुतोष खूब जमे है। वहीं विक्रम गोखले का किरदार फिल्म की अहम कड़ी है। गुल पनाग ने रिर्पोटर के किरदार में प्रभावित किया है। पुलिस कमिश्नर के रोल में गोविंद नामदेव की तारीफ करनी होगी, जिन्होंने बेहद कम संवाद होने के बावजूद अपनी बॉडी लैंग्वेज और आंखों से अपने किरदार में जान डाल दी।

डायरेक्शन: यंग डायरेक्टर एजाज गुलाब ने कहानी को ठीक वहीं से स्टार्ट किया जहां करीब एक दशक पहले रामू ने छोडा था। यकीनन रामू की एक हिट फिल्म का सिक्वल बनाना एजाज के लिए काफी चैंलेजिंग रहा होगा। इंटरवल से पहले की फिल्म सुस्त है तो किरदार भी दर्शकों को बांध नहीं पाते, लेकिन इंटरवल के बाद एजाज दर्शकों को कहानी और किरदारों से बांधने में कामयाब रहे। पौने दो घंटे की फिल्म की भी शुरूआत धीमी हो तो यकीनन इसे डायरेक्टर की कमजोरी ही कहा जाएगा।

क्यों देखें: यदि आपने फिल्म का फर्स्ट पार्ट देखा है तो इस फिल्म को भी देखिए। वहीं नाना की दमदार वापसी के साथ-साथ कहानी का क्लाइमैक्स आपको अपसेट नहीं करेगा। पिछले कुछ सप्ताह से रिलीज हो रही फिल्मों की तरह इस फिल्म में भी फैमिली क्लास के लिए कुछ नहीं है

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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