दिनांक 16 November 2018 समय 5:13 PM
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बजट 2015 से काफी उम्मीदें–राहत का पिटारा खोलेगी मोदी सरकार

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Budgetनई दिल्ली

मोदी सरकार वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुआई में अपना पहला पूर्ण बजट शनिवार को पेश करेगी। बजट 2015 से इंडस्ट्री के अलावा आम आदमी, विशेष रूप से नौकरीपेशा लोगों को काफी उम्मीदें हैं कि मोदी सरकार उनके लिए राहत का पिटारा खोलेगी। दिल्ली चुनावों में जिस तरह से बीजेपी की हार हुई है, उससे संभावना जगी है कि बजट 2015 में इकनॉमिक रिफॉर्म्स को खास तवज्जो  मिलेगी, मगर आम आदमी को भी निराश नहीं किया जाएगा। इस बात के संकेत सरकार ने शुक्रवार को पेश आर्थिक समीक्षा में भी दिया है। इधर मार्केट ने उम्मीद जताई है कि मोदी सरकार जिस सोच के साथ आगे बढ़ रही है, अगर बजट 2015 भी उसी पर आधारित हुआ तो यह गेम चेंजर साबित हो सकता है।इन पर रहेंगी नजरें

इनकम टैक्स छूट और स्लैब में बदलाव
पिछले साल जुलाई में सात महीने के लिए पेश बजट में जेटली ने इनकम टैक्स छूट में 50 हजार रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 2.50 लाख रुपये तक पहुंचा दिया था। अब इसमें ज्यादा इजाफे की उम्मीद है। स्लैब में पिछली बार कोई बदलाव नहीं किया गया था। संभावना है कि इसमें इस बार बदलाव करके 5 लाख रुपये तक की आमदनी को 10 प्रतिशत टैक्स के दायरे में लाया जाएगा।

जानिए, बजट से जुड़ीं कुछ अहम बातें

इनवेस्ट और होम लोन ब्याज दर पर छूट
पिछली बार इनकम टैक्स इनवेस्ट छूट को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये और होम लोन के ब्याज दर पर छूट को बढ़ाकर 2 लाख कर दिया गया था। यानी होम लोन पर 2 लाख रुपये तक ब्याज देने पर उस पर इनकम टैक्स नहीं लगेगा। इस बार इसमें पिछली बार की तरह ही बढ़ोतरी हो सकती है।

यह भी पढ़ें : बजट 2015: जेटली पेश करेंगे ‘आर-पार’ का बजट!

मेडिकल अलाउंस में राहत
करीब एक दशक से टैक्सपेयर्स मेडिकल इंश्योरेंस के नाम पर सिर्फ 15 हजार रुपये सालाना की राहत मिलती है। अगर कोई मेडिकल इंश्योरेंस कराता है तो सालाना 15 हजार रुपये तक के प्रीमियम पर इनकम छूट का फायदा उठा सकता है।

टैक्स रिफॉर्म्स पर जोर
बजट 2015 में सरकार टैक्स रिफॉर्म्स पर पूरा जोर देगी। जीएसटी का रोडमैप पेश हो सकता है। रेस्ट्रोस्पेक्टिव टैक्स यानी पुराने तारीखों से टैक्स लगने की नीति को ठंडे बस्ते में डाला जा सकता है। जीएएआर के लागू होने की समय सीमा बढ़ाई जा सकती है। ऐसा विदेशी और देशी निवेश बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।

मेक इन इंडिया को बढ़ावा
मोदी खुद इशारा कर चुके हैं कि मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को सबसे ज्यादा तवज्जो दिया जाएगा। बजट में रेलवे के अलावा लॉजिस्टिक, पोर्ट और फार्मा सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर फोकस रहेगा। सोशल सेक्टर पर खर्च बढ़ाया जा सकता है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को एक्साइज ड्यूटी में कटौती का तोहफा दिया जा सकता है। बेशक सरकार टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए सर्विस टैक्स का दायरा बढ़ा सकती है।

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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