बंगाल सीपीएम में नेतृत्व का संकट,'संन्यास' के मूड में बुद्धदेव, | BetwaanchalBetwaanchal बंगाल सीपीएम में नेतृत्व का संकट,'संन्यास' के मूड में बुद्धदेव, | Betwaanchal
दिनांक 25 June 2019 समय 4:49 AM
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बंगाल सीपीएम में नेतृत्व का संकट,’संन्यास’ के मूड में बुद्धदेव,

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केरल के बाद सीपीआई-एम की पश्चिम बंगाल यूनिट भी संगठन के भीतर नेतृत्व संकट का सामना कर रही है। पोलित ब्यूरो मेंबर बुद्धदेव भट्टाचार्य ने राज्य में पार्टी नेतृत्व को सूचित किया है कि वह सभी पार्टी पदों को छोड़ना चाहते हैं। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को भेजे गए पत्र में उन्होंने इसकी वजह खराब स्वास्थ्य बताया है।

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि वह सीपीआई-एम की छह दिवसीय 21वीं पार्टी कांग्रेस में भी नहीं शामिल हो पाएंगे। यह अधिवेशन 14 अप्रैल से विशाखापत्तनम में होना है। इसमें सीपीएम अगले तीन वर्षों के लिए पार्टी की राजनीतिक सोच को अंतिम रूप देगी। बंगाल सीपीआई-एम की हालिया मीटिंग में बुद्धदेव भट्टाचार्य ने नेतृत्व से स्टेट सेक्रेटेरियट मेंबरशिप समेत सभी पार्टी पद छोड़ने की इजाजत मांगी थी। उन्होंने राज्य के नेतृत्व को इस बारे में भी सूचित किया है कि वह पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमिटी में आगे नहीं बने रहना चाहते हैं। यह दोनों सीपीआई-एम की दो प्रमुख शीर्ष संस्थाएं हैं।
एक सीनियर पार्टी नेता नेता ने बताया कि भट्टाचार्य ने कहा, ‘यह बात सही है कि मैं रोजाना पार्टी ऑफिस (अलीमुद्दीन स्ट्रीट पर) आता हूं, लेकिन यह काफी नहीं है। मुझे लगता है कि अब मैं उस तरह से पार्टी की सेवा करने की स्थिति में नहीं हूं, जैसा कि कुछ वर्षों पहले था।’ राज्य में सीपीआई-एम के नेताओं में से ज्यादातर लोग यह नहीं चाहते हैं कि वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता सभी पार्टी पदों को छोड़ें। पार्टी नेता ने बताया कि सीपीआई-एम की अगले महीने होने वाली 24वीं स्टेट कॉन्फ्रेंस ऑफ बंगाल में भट्टाचार्य के इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। पार्टी बंगाल और केरल में अलग-अलग मुद्दों का सामना कर रही है।

70 साल के भट्टाचार्य ने जहां पार्टी फोरम से अलग रहने के लिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है, वहीं 91 साल के केरल के पूर्व चीफ मिनिस्टर वी एस अच्युतानंद अपना अजेंडा बढ़ाए जाने के लिए स्टेट लीडरशिप के साथ लड़ाई लड़ रहे हैं। बुद्धदेव भट्टाचार्य मई 2011 के बाद कोलकाता के बाहर होने वाली सीपीआई-एम की किसी भी पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमिटी मीटिंग में शामिल नहीं हुए हैं। भट्टाचार्य 1966 में सीपीआई-एम से जुड़े थे और 1971 में वह स्टेट कमिटी मेंबर बन गए। 1982 में उन्हें पार्टी का बंगाल स्टेट सेक्रेटेरियट चुना गया। भट्टाचार्य 1985 में सीपीआई-एम की सेंट्रल कमिटी के मेंबर बने और साल 2000 में इन्हें पोलित ब्यूरो में शामिल किया गया

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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