दिनांक 20 February 2018 समय 5:22 PM
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इसी साल हो सुरक्षा परिषद में सुधार: भारत

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संयुक्त राष्ट्र

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इसी साल सुधार करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। भारत ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र की सबसे शक्तिशाली संस्था कुछ देशों के अलोकतांत्रिक विशेषाधिकार का प्रतीक है, जिसे युद्धकाल के ऐसे गठबंधन ने बनाया था जो अब अस्तित्व में नहीं है। विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रित देश भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट को लेकर काफी समय से दावेदारी जता रहा है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत किशोर कुमार मुखर्जी ने सोमवार को कहा, ‘यह विडम्बना है कि लोकतंत्र की अपील और कानून व्यवस्था बनाने का काम ऐसी परिषद करती है, जो स्वयं कुछ ही सदस्यों के अलोकतांत्रिक विशेषाधिकारों का प्रतीक है और जिसे युद्धकाल के ऐसे गठबंधन ने बनाया था।’

मुखर्जी ने ‘मेनटिनेंस ऑफ इंटरनैशनल पीस ऐंड सिक्यॉरिटी’ विषय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक खुली बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘लोकतंत्र का तर्क और विश्वभर में मानवीय पीड़ा से दुखी चेहरे परिषद में सुधार के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग करते हैं। यदि हमें इतिहास से सही सीख लेनी है तो हमें यह इसी वर्ष करना होगा।’

सुरक्षा परिषद के वीटो शक्ति वाले लगभग सभी सदस्यों- अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र की सबसे शक्तिशाली शाखा में भारत को शामिल करने का समर्थन किया है। मुखर्जी ने कहा कि सुरक्षा परिषद ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बरकरार रखने की कोशिश करते हुए चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों पर चर्चा का नेतृत्व संभाला है।

न्होंने कहा, ‘परिषद में जो देश स्थायी सदस्य नहीं हैं, उनके लिए यह चिंता का विषय है कि परिषद का इन उद्देश्यों और सिद्धांतों संबंधी आह्वान चयनात्मक प्रतीत होता है जो शक्तिशाली सदस्य देशों के राष्ट्रीय हितों के अनुकूल है।’ मुखर्जी ने कहा, ‘परिषद के उन मामलों पर निर्णय जो अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए नहीं है, महासभा के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण नहीं कर सकते, जहां हम सबका समान प्रतिनिधित्व है

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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