दिनांक 19 October 2018 समय 4:37 AM
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भोपाल। ऐशबाग में दिन दहाड़े घर में घुसकर की हत्या –पुलिस ने हिरासत में लिया

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2_1424606235 3_1424606237भोपाल। ऐशबागके नवीन नगर में दिन दहाड़े घर में घुसकर सुनीता ललवानी आैर उनकी बेटी दिव्या की हत्या कर फरार हुए हरीश रजक एवं शुभम श्रीवास्तव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हरीश लोन पर लिए मोबाइल की आखिरी किस्त नहीं दे रहा था। इसको लेकर विवाद बढ़ने पर उसने शुभम के साथ मिलकर दोनों की हत्या कर दी थीपुलिस के मुताबिक दिव्या की गारंटी पर हरीश ने दीपावली पर 20 हजार रुपए का एक मोबाइल फोन लोन पर लिया था। इस फोन की 2800 रुपए किश्त जमा करनी रहती थी। पर वह आखिरी किश्त नहीं दे रहा था। इसको लेकर उसका सुनीता आैर दिव्या से विवाद होता था। शनिवार को दिव्या ने हरीश को फोन किया था। वह किस्त के रुपए मांग रही थी।

1_1424606238 murder1_1424606236घटना वाले दिन हुआ था विवाद
हरीश अपने साथी शुभम के साथ घर पहुंचा। रुपयों को लेकर उनके बीच विवाद हुआ तो शुभम ने दिव्या का मुंह दबाया आैर हरीश ने चाकू से हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक हरीश के पिता हीरालाल रजक डीआरएम कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं, जबकि हरीश बैंक खातों के फॉर्म भरवाने का काम करता है। उसे प्रत्येक फॉर्म पांच रुपए मिलते हैं। शुभम डाटा एंट्री का काम करता है।
प्रेम-प्रसंग भी एक वजह 
एकपहलू यह भी सामने रहा है कि दिव्या हरीश के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। यह बात दिव्या के पिता राजू को पसंद नहीं थी। राजू ने जब उसे समझाया तो हरीश ने देख लेने की धमकी दी थी। दूसरी वजह यह भी मानी जा रही है कि दिव्या उसके परिवार से परेशान होकर हरीश ने दोनों को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।
murder_1424606239घटना के बाद से ही फरार था प्रेमी
मृतिका दिव्या के पिता ने पुलिस को दी जानकारी में पड़ोस में रहने वाले हरीश नामक एक युवक पर शक जाहिर किया था। शक के आधार पर जब पुलिस ने हरीश के कमरे पर दबिश दी, तो वह घर से गायब था। उसके बाद से ही पुलिस का शक हरीश पर और भी ज्यादा बढ़ गया। पुलिस ने तत्काल हरीश का नंबर ट्रैक करना शुरू कर दिया। उधर, पुलिस की टीम ने शक के आधार पर शनिवार देर रात को ही हरीश के एक दोस्त को हिरासत में ले लिया था।
रविवार को झांसी से पकड़ा गया प्रेमी हरीश
जानकारी के अनुसार घटना के बाद से ही पुलिस ने पूछताछ के लिए आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें से कुछ लोगों को पूछताछ के तुरंत बाद ही छोड़ दिया गया था, जबकि, हरीश के एक दोस्त को पुलिस ने हिरासत में ही रखा है। हरीश के सभी ठिकानों की जानकारी लेने के बाद से पुलिस ने रविवार सुबह से ही उसकी तलाश शुरू कर दी थी। इस बीच पुलिस को सूचना मिली की, हरीश झांसी में है। पुलिस ने फौरन झांसी के लिए अपनी एक टीम रवाना की। टीम झांसी से हरीश को हिरासत में लेकर भोपाल के लिए रवाना हो गई है।
पुलिस ने की मामला सुलझा लेने की पुष्टि
पुलिस ने शंका के आधार पर हरीश को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही हैं, लेकिन अब तक हत्या की सही कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस पकड़े गए लोगों से अन्य सबूत जुटाने का प्रयास कर रही है। उधर, पुलिस ने यह भी दावा किया है कि संदेहियों से पूछताछ की जा रही है, जल्द ही केस सुलझा लिया जाएगा। पुलिस ने यह भी बताया है कि सोमवार तक मामले का खुलासा कर, दोषियों को हिरासत में ले लिया जाएगा।
सुनीता के पिता ने जाहिर की थी शंका
सुनीता के पिता गुरुमल पुरसनानी के अनुसार उनकी नातिन को नवीन नगर में रहने वाला हरीश रजक नामक एक युवक पिछले छह महीने से परेशान कर रहा था। राजू ने हरीश को समझाइश भी दी थी। इसके बाद भी वह दिव्या को परेशान करता था। बताया गया है कि उसने दिव्या को धमकी भी दी थी।
दोपहर में ही बहन से मिली थी सुनीता
हत्या वाले दिन राजू रोजाना की तरह दोपहर करीब २ बजे फेरी पर निकला था। लेकिन, तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वह शाम को जल्दी घर आ गया था। वह ठेला खड़ा करके नवीन नगर स्थित अपनी ससुराल पहुंचा था। लेकिन, वहां सुनीता और दिव्या वहां नहीं थे। सुनीता अक्सर दिव्या के साथ दिन में मायके चली जाया करती थी। राजू ने पुलिस को बताया था कि वह अपनी साली पूनम के साथ घर आया तो कुंडी बाहर से बंद थी। जब वह अंदर गया, तो उसने देखा कि कमरे में दोनों की लाश पड़ी थी। वहीं, सुनीता की बहन पूनम ने बताया था कि शनिवार कि दोपहर में वह दीदी के यहां आई थी। तीनों ने साथ में मिलकर खाना भी खाया था।
किसी ने भी नहीं सुनी चीख पुकार
जिस तीन मंजिला बिल्डिंग के एक कमरे में राजू अपने पत्नी व बेटी के साथ रहता है, वहां ११ और परिवार भी रहते हैं। शाम को घर में घुसकर मां बेटी की हत्या कर दी गई, लेकिन किसी ने भी उनकी चीख पुकार नहीं सुनी। जबकि मां और बेटी का हत्यारे के साथ संघर्ष भी हुआ था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों और पड़ोसियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दोनों मोबाइल ले गए हत्यारे
सुनीता की बहन पूनम ने पुलिस को बताया था कि गुरुवार को ही दिव्या ने 13 हजार रुपए का एक मोबाइल लिया था। उसे एक मोबाइल उसके प्रेमी हरीश ने भी गिफ्ट किया था। हत्यारे हत्या करने के बाद दोनों मोबाइल साथ में ले गए थे।
मुंह पर कपड़ा ठूंस कर की हत्या
हत्या शनिवार शाम 4 से 6 के बीच हुई थी। दिव्या शाम को 4 बजे अपने नानाजी के घर पर थी। वह अक्सर नवीन नगर में अपने नानाजी के घर पर ही रहती थी। दिव्या के घर पर लौटने के बाद हत्यारे घर पर आए थे। पहले उन्होंने दोनों के मुंह पर कपड़ा ठूंसा, जिससे वह आवाज नहीं कर पाएं, उसके बाद तेज धार वाले हथियार से दिव्या की कलाई काट दी थी। वहीं, दिव्या की मां सुनीता के गले, सीने और सिर में भी वार किए गए थे। शाम 6 बजे दिव्या के पिता राजू घर आए, तब सभी को चिल्लाकर बुलाया।
हरीश ने की है हत्या
मेरी बेटी और पत्नी की हत्या की गई है। मुझे पूरा शक है कि इनकी हत्या हरीश ने की है। वह मेरी बेटी को धमकी दिया करता था। राजू लालवानी, दिव्या के पिता
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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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