सिर्फ एक दिन वंदे मातरम् गाने से किसी की देशभक्ति या राष्ट्रीयता परिलक्षित नहीं होती है-कमलनाथ | BetwaanchalBetwaanchal सिर्फ एक दिन वंदे मातरम् गाने से किसी की देशभक्ति या राष्ट्रीयता परिलक्षित नहीं होती है-कमलनाथ | Betwaanchal
दिनांक 25 May 2019 समय 6:54 PM
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सिर्फ एक दिन वंदे मातरम् गाने से किसी की देशभक्ति या राष्ट्रीयता परिलक्षित नहीं होती है-कमलनाथ

kamalnath-vande-matramभोपाल | मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा मंत्रालय में प्रत्येक माह की 1 तारीख को होने वाले बंदेमातरम पर रोक लगा दी हैं बंदेमातरम पर रोक लगते हुए कमलनाथ ने कहा कि माह की पहली तारीख को वंदे मातरम् की अनिवार्यता को फिलहाल अभी बंद करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय  किसी एजेंडे के तहत नहीं लिया गया है, और न ही हमारा वंदे मातरम् गीत को लेकर कोई विरोध है। यह हमारे दिल की गहराइयों में बसा है। हम भी समय-समय पर इसका गान करते हैं। इसे वापस प्रारंभ करेंगे, लेकिन एक अलग रूप में। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ एक दिन वंदे मातरम् गाने से किसी की देशभक्ति या राष्ट्रीयता परिलक्षित नहीं होती है। देशभक्ति व राष्ट्रीयता को सिर्फ एक दिन वंदे मातरम् गान से जोड़ना गलत है। जो लोग वंदे मातरम् गायन नहीं करते है, तो क्या वे देशभक्त नहीं है?

वही कमलनाथ द्वारा बंदेमातरम गीत पर रोक लगाने के बाद मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पलटबार करते हुए कहा कि क्या कांग्रेस को राष्ट्रगीत के शब्द नहीं आते हैं या फिर गायन में शर्म आ रही है। यह बता दें। मैं खुद हर महीने की पहली तारीख को वल्लभ भवन के प्रांगण में जनता के साथ वंदे मातरम् गाऊंगा। कांग्रेस शायद यह भूल गई है कि देशभक्ति से ऊपर कुछ नहीं। सरकारें तो आती-जाती रहती हैं। मेरी मांग है कि वंदे मातरम् का गान हमेशा की तरह हर कैबिनेट की मीटिंग से पहले और हर महीने की पहली तारीख को होना चाहिए। इससे लोगों में नई ऊर्जा का संचार होता है।

अधिकारियों ने बंदेमातरम गाये जाने को लेकर मुख्यमंत्री को तर्क दिया कि मंत्रालय में 3000 कर्मचारी व अधिकारी हैं, लेकिन वंदेमातरम के लिए बमुश्किल 200 से 300 लोग पहुंचते हैं। इसलिए इसको अभी रोक देना चाहिए |

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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