दिनांक 21 June 2018 समय 5:43 PM
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शिव पुराण के अनुसार 12 ज्योतिर्लिंग इस प्रकार हैं।

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 महाशिवरात्रि से पहले हम आपको सभी 12 ज्योर्तिलिंग के बारे में बता रहे हैं। शिव पुराण के अनुसार 12 ज्योतिर्लिंग इस प्रकार हैं।
सोमनाथ
गुजरात में सोमनाथ ज्योर्तिलिंग है। यह स्थान काठियावाड़ के प्रभास क्षेत्र में है। सोमनाथ के सबसे समीप वेरावल रेलवे स्टेशन है, जो वहां से मात्र सात किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यहां से अहमदाबाद व बाकी जगहों का सीधा कनेक्शन है। पूरे राज्य में इस जगह के लिए बस की सर्विस अवेलेबल रहती है।
मल्लिकार्जुन
आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैलम में श्रीमल्लिकार्जुन विराजमान हैं। इसे दक्षिण का कैलाश कहते हैं। श्रीशैलम जाने के लिए हैदराबाद तक फ्लाइट सर्विस मिलती है। कुंभम नजदीकी रेलवे स्टेशन है। यहां से बस या टैक्सी से श्रीशैलम पहुंचा जा सकता है।
महाकालेश्वर
मध्यप्रदेश के उज्जैन में ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर स्थित है। उज्जैन के लिए देश के प्रमुख शहरों से रेल सर्विस मिलती है। इंदौर, रतलाम, भोपाल आदि स्थानों से बस, ट्रेन व टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है। यहां का नजदीकी हवाईअड्डा देवी अहिल्याबाई एयरपोर्ट इंदौर है।
ओंकारेश्वर
चतुर्थ ज्योतिर्लिंग का नाम ओंकारेश्वर या ममलेश्वर है। यह स्थान भी मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में  है। यह प्राकृतिक संपदा से भरपूर नर्मदा नदी के तट पर स्थित है। यहां जाने के लिए ट्रेन और बस दोनों की सेवा उपलब्ध है। नजदीकी विमानतल इंदौर है।
बैजनाथ
झारखंड में देवघर के पास स्थित बैजनाथ धाम भी ज्योर्तिलिंग है। कुछ लोग महाराष्ट्र के परली बैजनाथ को भी ज्योर्तिलिंग मानते हैं। देवघर सड़क, रेल और हवाई मार्ग के साथ आसानी से पूरे देश से जुड़ा हुआ है।
भीमाशंकर
भीमाशंकर महाराष्ट्र राज्य में एक मशहूर धार्मिक केंद्र है। 3,250 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर पुणे शहर सेलगभग 50 किमी दूर सह्याद्री पर्वत श्रेणी के घाट क्षेत्र में स्थित है। यहां पुणे से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
रामेश्वर
रामेश्वरम् तीर्थ तमिलनाडु के रामनाथम में स्थित है। यहां समुद्र के किनारे भगवान श्री रामेश्वरम का विशाल मंदिर है। रामेश्वरम चेन्नई, कोयम्बटूर, त्रिची और तंजावुर शहरों से सीधा जुड़ा हुआ है। इन नगरों से रेल मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है।
नागेश्वर
नागेश नामक ज्योतिर्लिंग दशम है, जो गुजरात में द्वारका के समीप है। इस स्थान को दारूकावन भी कहा जाता है। कुछ महारष्ट्र में स्थित औढ़ा ग्राम में स्थित शिवलिंग का नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मानते हैं। द्वारका तक ट्रेन और बस सेवा उपलब्ध है।
विश्वनाथ
काशी में विराजमान श्री विश्वनाथ भी ज्योतिर्लिंग है। कहते हैं, काशी तीनों लोकों में न्यारी नगरी है, जो भगवान शिव के त्रिशूल पर विराजती है। गंगा नदी के तट पर बसा काशी शहर पूरी तरह से धार्मिक रंग में रंगा हुआ है। काशी जाने के हवाई, रेल और बस सेवा आसानी से उपलब्ध है।
त्र्यम्बक
महाराष्ट्र में नासिक के पास त्रयंम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है। त्रयंम्बकेश्वर नासिक से काफी नजदीक है। नासिक पूरे देश से रेल, सड़क और वायु मार्ग से जुड़ा हुआ है। आप नासिक पहुंचकर वहां से त्रयंम्बकेश्वर के लिए बस, ऑटो या टैक्सी ले सकते हैं।
केदारनाथ
हिमालय की चोटी पर विराजमान केदारनाथ भी एक ज्योर्तिलिंग है। केदारनाथ का निकटतम हवाईअड्डा 239 किमी की दूरी पर देहरादून है। नजदीकी रेलवे स्टेशन 227 किमी की दूरी पर स्थित ऋषिकेश है। केदारनाथ नवंबर से मई तक बंद रहता है।
घृष्णेश्वर
महाराष्ट्र में एलोरा के नजदीक घृष्णेश्वर ज्योर्तिलिंग स्थित है। यह स्थान दौलताबाद से लगभग 18 किलोमीटर दूर है। यहां दौलताबाद या औरंगाबाद रेलवे स्टेशन से पहुंच सकते हैं। यहां जाएं तो इतिहास प्रसिद्ध एलोरा की दर्शनीय गुफाएं जरूर देखें।
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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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