दिनांक 22 February 2018 समय 12:50 AM
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व्यापमं घोटाले में ईडी ने की डॉ. सागर की संपत्ति अटैच

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14_1427838531इंदौर. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को व्यापमं घोटाले में आरोपी डॉ. जगदीश सागर की 20 करोड़ रु. से अधिक मूल्य की संपत्तियां अटैच कर ली। इस घोटाले में ईडी द्वारा किया गया यह पहला अटैचमेंट है।

इसमें डॉ. सागर की मर्सीडीज, फार्च्यूनर, सफारी गाड़ियों के साथ इंदौर व ग्वालियर के मकान, जमीन और कोर्ट के पास जमा तीन किलो सोना भी है। ईडी ने भोपाल के पीडब्ल्यूडी इंजीनियर रामदास चौधरी और जितेंद्र भासने की संपत्ति भी अटैच की है। भासने की पत्नी भारती बर्खास्त आईएएस अरविंद जोशी की बीमा एजेंट थी।डी ने एक साल पहले डॉ. सागर, डॉ. विनोद भंडारी, पंकज त्रिवेदी सहित 20 से अधिक लोगों के खिलाफ मनी लॉण्ड्रिंग का प्रकरण दर्ज किया था। जांच के दौरान ईडी ने पाया कि डॉ. सागर ने साल 2008 से 2013 के बीच साढ़े तीन करोड़ की कमाई की। इसी से यह संपत्तियां खरीदी गईं।संपत्तियां डॉ. सागर और उसकी पत्नी सुनीता सागर के नाम पर है। जांच के बाद ईडी ने संपत्तियों का अंतरिम अटैचमेंट कर दिया, ईडी न्यायाधिकरण से इस पर अंतिम मुहर लगेगी।

20 लाख की एफडी पर 18 लाख का लोन 
ईडी की जांच में सामने आया कि डॉ. सागर ने एक लक्जरी कार के लिए बैंक से 18 लाख का लोन लिया। लोन गारंटी के लिए 20 लाख की एफडी गिरवी रखी। एफडी की जांच की तो पता चला कि सागर ने यह एफडी भी एक ही दिन बैंक में 20 लाख रुपए जमा कर बनवाई थी। इससे मनी लॉण्ड्रिंग पुख्ता हो गई।
अब क्या होगा इस संपत्ति का
– मामला अब ईडी न्यायाधिकरण में जाएगा जहां इस पर अंतिम मुहर लगेगी।
– संपत्ति अटैचमेंट की पुष्टि होने के बाद ईडी कोर्ट में प्रकरण पेश किया जाएगा।
– दोषी पाए जाने पर सात साल की सजा। संपत्ति हमेशा के लिए शासकीय हो जाएगी।
कहां से क्या अटैच किया
इंदौर में स्कीम 94 में दो मकान और एक प्लॉट, ग्वालियर में एक मकान, भिंड व ग्वालियर में कुल 20 एकड़ जमीन, लक्जरी कारें, तीन किलो सोना और घर पर नकद मिले 19 लाख रुपए।
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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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