दिनांक 28 May 2018 समय 9:02 AM
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वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने से रजिस्ट्री कराने वालों की होड़ सी लगी

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bpl-n2430395-large७.५ करोड़ के स्टांपों की बिक्री

मंगलवार की शाम ७ बजे तक ६० से अधिक रजिस्ट्रियां हो चुकी थीं, वहीं खबर लिखे जाने तक रजिस्ट्री होने का सिलसिला जारी था। पिछले १५ दिनों में करीब साढ़े ७ करोड़ रुपए के स्टांपों की बिक्री हुई है। सिर्फ मंगलवार को ५७ रुपए से अधिक के स्टांपों की बिक्री होने की बात जिला कोषालय अधिकारी आरके सक्सेना कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले १५ दिनों में औसत ५० लाख रुपए के स्टांपों की बिक्री प्रतिदिन रही है।

वकील और सब रजिस्ट्रार का विवाद

५० और १०० रुपए के स्टांप का टोटा

पिछले ६ माह से कोषालय में ५० और १०० रुपए के स्टांप नहीं मिल रहे थे। मंगलवार को भी रजिस्ट्री कराने के लिए लोगों को ५० व १०० रुपए के स्टांप न मिलने से १०-२० रुपए के स्टांप से काम चलाना पड़ा। इसमें लोगों को परेशानी आई। लोगों द्वारा अधिक संख्या में स्टांप खरीदने के दौरान स्टांप वेंडर भी समय खराब होने से दिक्कत का सामना करते रहे। एक अप्रैल से विदिशा शहर सहित आसपास के क्षेत्रों के जमीनों के दाम बढ़ जाएंगे। कई जगहों पर 20 फीसदी से अधिक दाम जमीनों के बढ़ेंगे। इससे जमीन स्वामी एवं खरीदारों ने मंगलवार 31 मार्च तक रजिस्ट्री कराना मुनासिब समझा। स्थिति यह थी कि आखिरी दिन रजिस्ट्री कराने वालों की उप-पंजीयक कार्यालय के बाहर लंबी-लंबी कतार लगी नजर आई। काफी अधिक संख्या में रजिस्ट्री होने के कारण अव्यवस्था की स्थिति देखने को मिली। लाखों रुपए के सिर्फ एक दिन में ही स्टांप ही बिके। जमीनों की रजिस्ट्री व बैंकों में मोडगेज के मामलों को लेकर सबसे अधिक स्टांपों को भारी बिक्री हुई। शाम 7 बजे तक उप-पंजीयक कार्यालय के बाहर रजिस्ट्री कराने वालों का मजमा लगा हुआ था। इस साल 58 करोड़ का लक्ष्य जिला पंजीयक कार्यालय को मिला था। इसकी तुलना में करीब 50 करोड़ की आय तक विभाग पहुंच सका है।

पिछले साल से कम

पिछले साल की तुलना में इस साल करीब ३०० रजिस्ट्रियां कम हुई हैं। अंतिम दिन शाम ७ बजे तक ६० रजिस्ट्रियां हो चुकी थीं। एकेसिंह, जिला पंजीयक विदिशा

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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