दिनांक 16 August 2018 समय 12:27 AM
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वित्तमंत्री ने 2018-19 के लिए 2 लाख 4 हजार 642 करोड़ रुपए का बजट पेश किया।

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वित्तमंत्री जयंत मलैया ने बुधवार को मप्र की शिवराज सरकार का आखिरी बजट पेश किया। वित्तमंत्री ने २०१८-१९ के लिए २ लाख ४ हजार ६४२ करोड़ रुपए का बजट पेश किया। २ लाख करोड़ रुपए के इस बजट में कई क्षेत्रों पर जमकर धन वर्षा हुई, जबकि कई क्षेत्र इससे अछूते रह गए। सरकार ने जहां सामाजिक आर्थिक उत्थान पर सबसे अधिका १ लाख १४ हजार ७९० करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा की गई। वहीं सबसे अछूता सेक्टर उद्योग जगह रहा, इसे केवल ८५५ करोड़ रुपए का झुनझना थमा दिया गया। जानें, किस क्षेत्र को क्या मिला…

– वित्तमंत्री ने बुधवा को बजट भाषण की शुरुआत शेरो-शायरी से की, उन्होंने शायराना अंदाज में कहा…
ए जिन्दगी मुश्किलों के सदा हल दे, फुर्सत के कुछ पल दे,
दुआ है दिल से, सबको सुखद आज और बेहतर कल दे।
कृषि सेक्टर…
– बजट में कृषि सेक्टर के समग्र रूप से ३७ हजार ४९८ करोड़ का प्रावधान है। इसमें सिंचाई सुविधाओं में विस्तार, कृषि पंपों का आवंटन, बिजली आपूर्ति जैसे उपायों के लिए राशि खर्च होगी।
– सरकार ने किसानों की आय ५ साल में दोगुनी करने की बात कही है। वहीं समर्थन मूल्य पर उपार्जन एवं भंडारण की व्यवस्था की जाएगी।

– भावांतर योजना में १५ लाख किसान को फायदा दिया गया, जिसमें से १० लाख ५० हजार किसानों के खातों में १५०० करोड़ डाले गए।
– भावांतर योजना में चना, मसूर तथा सरसों को सम्मिलित किया गया है। २०१८-१९ में १ हजार करोड़ का प्रावधान है। प्याज उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना के तहत २५० करोड़ का प्रावधान अलग से है।
– कृषि यंत्रीकरण के लिए २००० कस्टम हायरिंग केंद्र बनेंगे। इसके अलावा गेहूं और धान के लिए प्रति २०० रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए सरकार ३ हजार ६५० करोड़ रुपए का प्रावधान है।
– प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत २ हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं किसान कल्याण योजना के लिए ९ हजार २७८ करोड़ रुपए का प्रावधान है।
उद्यानिकी सेक्टर…
– उद्यानिकी सेक्टर के लिए सरकार द्वारा एक हजार १९८ करोड़ रुपए का प्रावधान है। इससे प्याज भंडारण के लिए २ लाख ७५ हजार मैट्रिक टन झमता वाले वेयर हाउसों का निर्माण किया जाएगा।
सहकारिता सेक्टर…
सहकारिता सेक्टर के लिए सरकार ने १ हजार ६२७ करोड़ रुपए का प्रावधान है। किसानों को ऋण वापसी की तारीख २८ मार्च से बढ़ाकर २७ अप्रैल २०१८ की गई है।
पशुपालन सेक्टर…
– इसके लिए सरकार ने १ हजार ३८ करोड़ रुपए खर्च करने की बात कही है। इसके तहत प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ ही गौसंवर्धन पर काम किया जाएगा।
मत्स्य पालन सेक्टर…
– इसके लिए सरकार ने ९१ करोड़ ८९ लाख रुपए का प्रावधान किया है। इस राशि से मच्छी उत्पादन, मछुआरों को ऋण और उन्हें बीमे की सुविधा दी जाएगी।
सिंचाई सेक्टर…
– सिंचाई के लिए सरकार ने १० हजार ९२८ करोड़ रुपए दिए हैं, जो पिछले साल से १७ फीसदी अधिक है। इसके तहत प्रदेश में २१ बड़ी, ४९ मध्यम और ३५४ लघु सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा ७० नई लघु सिंचाई परियोजनाओं पर भी काम होगा। २०१८-१९ में २.०५ लाख हेक्टेयर नई सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है।
– सरकार नर्मदा-झाबुआ-पेटलावाद-थांदना-सरदारपुर परियोजना, नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना, पाटी, तिल्लोद, पामखेड़ी, भरलाय, कोदवार में सिंचाई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। वहीं ड्रिप एवं स्प्रिंकलर पद्धति से सिंचाई के लिए ३६९ करोड़ जबकि वाटरशेड विकास के लिए २८५ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
ऊर्जा सेक्टर…
इस सेक्टर के लिए ३७ हजार ४९८ रुपए का प्रावधान है। इसके तहत २०१८ में प्रदेश के शेष बचे २६ जिलों में १०० फीसदी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
सड़क सेक्टर…
– प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने के लिए ६ हजार २०८ करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं गांवों में ३ हजार ५३० करोड़ रुपए अलग से खर्च करेगी। २०१८-१९ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ४ हजार किमी नई सड़कें बनाई जाएंगी। वहीं ७५० किमी सड़कों का डामरीकरण और ५०० किमी का उन्नयन किया जाएगा। इंदौर-भोपाल सिक्सलेन एक्प्रेस-वे पर ५०० करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। १५० नए बड़े पुल बनाए जाएंगे।
लोक परिवहन सेक्टर…
– प्रदेश के २० प्रमुख शहरों में लोक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके तहत तहत इंदौर-भोपाल मेट्रो ट्रेन परियोजना का प्रथम चरण का काम शुरू होगा। वहीं क्लस्टर बस सेवा भी शुरू की जाएगी।
स्मार्ट सिटी सेक्टर…
– इस सेक्टर के लिए सरकारर ७०० करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसके तहत इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और सतना में विकास कार्य किए जाएंगे।
उद्योग सेक्टर…
– निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत ८५५ करोड़ रुपए का प्रावधान है। इससे प्रदेश के उद्योग सेक्टर में काम करवाए जाएंगे। इसके अलावा १ अप्रैल २०१८ से अपना उत्पादन शुरू करने वाली इकाइयों को उनके निवेश राशि की ४० फीसदी सब्सिडी दी जाएगी। हालांकि यह सब्सिडी १५० करोड़ रुपए से अधिक नहीं हो सकती है।
लोक स्वास्थ्य सेक्टर…
– स्वास्थ्य के लिए सरकार ने इस बजट में १५ हजार ४३८ करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में १० बिस्तरों वाले अस्पताल को शुरू करने पर सरकार ४० फीसदी सब्सिडी सरकार देगी। अच्छ स्वास्थ्य के लिए विशेष पिछड़े जनजातियों, जिसमें सहरिया, बैगा एंव भारिया के लिए ३०० करोड़ रुपए रखे गए हैं।
चिकित्सा शिक्षा सेक्टर
– इसके लिए २ हजार १६ करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसके तहत रतलाम, विदिशा, शिवपुरी छिंदवाड़ा, शहडोल, खंडवा और दतिया में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। ग्वालियर में १००० बेड का नया अस्पताल बनाया जाएगा। वहीं भोपाल के हमीदिया में २००० नए बेड वाला अस्पताल बन रहा है। इसके अलावा जबलपुर में राज्य कैंसर कॉलेज और ग्वालियर, विदिशा में टर्शयरी कैंसर सेंटर खोलने जाएंगे।
आयुष सेक्टर…
– सरकार ने आयुष के लिए ४३० करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। इसके तहत भोपाल में दो नए सब्जेक्ट में मास्टर कोर्स जबकि उज्जैन में तीन नए सब्जेक्ट में पीजी कोर्स शुरू होंगे।
महिला बाल विकास सेक्टर…
– इस सेक्टर के लिए सरकार ने ३ हजार ७२२ करोड़ रुपए दिए हैं। जिसके तहत आंगनवाड़ियों में पोषण आहार और प्रेग्नेंट लेडी को सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
पेयजल सेक्टर…
– पेजयल के लिए सरकार २ हजार ९९८ करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसके तहत १६५० गांवों में नल लगाए जाएंगे। इसके अलावा १२४ पेजयल योजनाओं को पूरा किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन…
– इसके लिए ११ हजार ९३२ करोड़ रुपए दिए गए हैं, जिससे सीवरेज, टॉयलेट निर्माण, सफाई, कचरा प्रबंधन और नर्मदा नदी के किनारे स्थित २० शहरों में सीवरेज को बेहतर बनाया जाएगा।
सामान्य शिक्षा…
– शिक्षा के लिए ३२ हजार ९४८ करोड़ रुपए दिए गए हैं। इससे प्रदेश में स्कूल, हाईस्कूल की स्थापना की जाएगी। साथ ही शिक्षकों को ६वें वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा अध्यापक अब शिक्षक होंगे। १५ नए कन्या स्कूल बनेंगे साथ ही २३४ छात्रावास अजा वर्ग के लिए बनाए जाएंगे। १६०० आदिवासी छात्रों को इंदौर, जबलपुर, भोपाल एंव ग्वालियर में फ्री कोचिंग दिलवाई जाएगी।

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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