दिनांक 23 May 2018 समय 12:49 PM
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वाराणसी में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मोदी ने नाव की सैर की; 1500 करोड़ की योजनाएं शुरू

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वाराणसी/ नई दिल्ली. तीन दिन के भारत दौरे पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सोमवार को वाराणसी पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। वाराणसी में मोदी और मैक्रों ने नाव की सैर की। दोनों नेता 1500 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। मोदी वाराणसी में 1000 की क्षमता वाले विधवा आश्रम का एलान भी कर सकते हैं। जापान के पीएम शिंजो के बाद मैक्रों वाराणसी आने वाले दूसरे विदेशी राष्ट्राध्यक्ष हैं।

मोदी ने मैक्रों को खुद किया था रिसीव- फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों शनिवार सुबह तीन दिन के भारत पहुंचे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था। इमैनुएल के साथ उनकी पत्नी ब्रिगिटी मैक्रों और एक डेलिगेशन भी आया है। नई दिल्ली पहुंचने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा था- मुझे लगता है कि हमारी (उनकी और पीएम मोदी की) कैमिस्ट्री बहुत अच्छी है। दोनों महान लोकतंत्र हैं और हमारे रिश्ते भी ऐतिहासिक हैं।

राजघाट गए थे पहुंचे मैक्रों- सबसे पहले मैक्रों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उनकी पत्नी सविता कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया था। मैक्रों ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की थी।
क्या चाहता है फ्रांस?
– फ्रांस की मीडिया के मुताबिक, मैक्रों भारत को 100 से 150 रफाल एयरक्राफ्ट बेचना चाहते हैं। स्कॉर्पीन-क्लास की सबमरीन देने की भी मंशा है। इसलिए उनके साथ फ्रांस के टॉप डिफेंस फर्म के सीईओ आ रहे हैं। इसमें डसाल्ट एविएशन, नावेल, थेल्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। 5वीं पीढ़ी के प्लेन बनाने पर भी करार हो सकता है।

रियूनियन और जिबूती द्वीप पर हमें एंट्री मिल सकती है
– भारत-फ्रांस के बीच लॉजिस्टिक क्षेत्र में करार हो सकता है। फ्रांस मेडागास्कर के पास स्थित रियूनियन आइलैंड और अफ्रीकी बंदरगाह जिबूती में भारतीय जहाज को एंट्री दे सकता है। इससे भारत का समुद्र के रास्ते होने वाला कारोबार मजबूत होगा। जिबूती में चीनी सैन्य बेस भी है। यानी यह स्ट्रैटेजिक रूप से अहम है।

भारत में 1000 से ज्यादा फ्रेंच कंपनियां, फ्रांस में 120 भारतीय कंपनियां
– करीब 1000 फ्रेंच कंपनी भारत में है। करीब 120 भारतीय कंपनियों ने फ्रांस में निवेश कर रखा है। इन कंपनियों ने फ्रांस में 8500 करोड़ रुपए इन्वेस्ट किए हैं। फ्रांस में 7000 लोगों को नौकरी दी है। फ्रांस में भारतीय मूल के 1.1 लाख लोग रहते हैं। ये फ्रांसीसी कॉलोनी रही पुड्‌डुचेरी, कराईकल, माहे के हैं।

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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