दिनांक 23 June 2018 समय 5:17 PM
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रक्षा मंत्री पर्रिकर ने कहा- सहन करने का वक्त खत्म, एक साल में दिखने लगेंगे नतीजे

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Betwaanchal news

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जयपुर. मनोहर पर्रिकर शनिवार को जयपुर में थे। उन्होंने पाकिस्तानी आतंकियों के लगातार हमलों पर कहा- प्रोपेगेंडा का जवाब प्रोपेगेंडा से ही दिया जा रहा है। इससे ही दुश्मन को काउंटर किया जा सकता है। एक साल में नतीजे सामने आने लगेंगे। बता दें कि 2 जनवरी को बॉर्डर पार से आए आतंकियों के पठानकोट एयरबेस पर हमले में 7 जवान शहीद हो गए थे।

क्या कहकर पर्रिकर ने चौंकाया…
– पर्रिकर ने कहा कि दुश्मन को कैसे मारा जाए, इस एंगल के बजाय अलग एंगल से सोचना पड़ेगा। वह किस रास्ते आ रहा है?
– अब सहन करने का वक्त खत्म हो चुका है।
– उन्होंने यह कहकर चौंका दिया कि उन्हें नहीं पता कि पाकिस्तान की कोई टीम पठानकोट हमले वाली जगह पर आकर जांच करने वाली है। बोले, मेरी जानकारी में नहीं। मेरी इजाजत के बिना कोई कैसे आ सकता है।
आईएसआई के निशाने पर है आर्मी
– पर्रिकर बोले- जो दिख रहा है, वैसा है नहीं। उनके प्रोपेगेंडा से ज्यादा बड़ा हमारा नेटवर्क है। असरदार है। उनके नेटवर्क का ज्यादा फर्क पड़ता नहीं है। सिक्योरिटी के नजरिए से हर चीज बताई नहीं जा सकती।
– पर्रिकर ने कहा- सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के या अन्य आंतकी संगठन की ओर से की जा रही कैंपेन और जासूसी के लिए नई स्ट्रैटजी बनाई गई है।
– उन्होंने कहा- फेसबुक को लेकर क्या खतरे हैं, हम उसे कैसे ट्रैक कर सकते हैं, इस पर काम चल रहा है। हमने निर्देश दे दिया है। पूरा नियंत्रण करने का काम किया जा रहा है।
क्या है आर्मी की वीकनेस?
– ‘पठानकोट हमले पर बोले, पहले एक मंत्री हुआ करते थे। टारगेट था कि दस लोगों से पैसे लें, कुछ के काम करें, बाकी के नहीं हुए तो लौटा दें। इसी तरह का मामला है। किसी ने ऐसा किया भी हो सकता है।’
– ‘प्राइमरी फेसेज में अफसरों को बोला गया है कि वे जाकर देखें। वहां वीकनेस क्या है? यानी अब दूसरी साइड से सोचना पड़ेगा। दुश्मन कहां से घुस सकता है?’
– ‘हमारी टीम में कौन-कौन शामिल हो रहे हैं, यह टीम की जूरी की भी जिम्मेदारी है।’
कब हुआ पठानकोट हमला और इस केस में अब तक क्या हुआ?
– 2 जनवरी की सुबह 6 पाकिस्तानी आतंकियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला किया। इसमें 7 जवान शहीद हो गए।
– 36 घंटे एनकाउंटर और तीन दिन कॉम्बिंग ऑपरेशन चला।
– हमले का मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद का चीफ मौलाना मसूद अजहर है।
– अजहर को 1999 में कंधार प्लेन हाईजैक केस में पैसेंजर्स की रिहाई के बदले छोड़ा गया था।
– भारत ने आतंकियों की उनके हैंडलर्स से बातचीत की कॉल डिटेल्स और उनसे मिले पाकिस्तान में बने सामानों के सबूत पड़ोसी देश को सौंपे हैं।
– पाक मीडिया का दावा है कि मसूद अजहर को हिरासत में लिया जा चुका है। लेकिन पाकिस्तान इससे इनकार कर रहा है।
– इस बीच, भारत-पाक फॉरेन सेक्रेटरी लेवल की 15 जनवरी को होने वाली बातचीत टल चुकी है।

 

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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