भोपाल- ऑनलाइन शॉपिंग में अब सब्जियां भी | BetwaAnchal Daily News PortalBetwaAnchal Daily News Portal
दिनांक 23 April 2019 समय 11:22 AM
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भोपाल- ऑनलाइन शॉपिंग में अब सब्जियां भी

3_1431293689भोपाल. शमिता चक्रवर्ती, गृहिणी। चिनार फाॅर्च्यून सिटी में रहती हैं। वे ऑनलाइन सब्जी खरीदती हैं। न मंडी जाने का झंझट, न सब्जीवाले ठेले का इंतजार। खास बात दाम भी कम। एक एनआरआई द्वारा शुरू की गई वेबसाइट buyfreshveg.com पर जाकर वे सब्जी और फलों के भाव और उनकी उपलब्धता देखती हैं। फिर मोबाइल फोन पर चुनी हुई सब्जियां ऑर्डर कर देती हैं। तीन घंटे में ताजा सब्जी उनके घर पर पहुंचा दी जाती है।
सब्जी की ऐसी शॉपिंग करने वालीं शमिता अकेली नहीं है। शहर में करीब 2000 परिवारों में इस तरह से सब्जी खरीदी जा रही है। नवबहार सब्जी मंडी से लगभग 16 किलोमीटर दूर एक टाउनशिप में सस्ती सब्जी मिलना हर नजरिए से फायदेमंद हो सकता है। इस सोच के साथ ओमान में रहने वाले भूपेेंद्र सिंह ने चार महीने पहले वेबसाइट की स्थापना की। मुंबई-दिल्ली में इस तरह के काम से प्रेरणा लेकर उन्होंने भोपाल में यह प्रयोग किया।
शहर में सबसे सस्ती सब्जियां नवबहार सब्जी मंडी में मिलती हैं, लेकिन बायफ्रेशवेज ने वहां से भी कम रेट रखे। करोंद की थोक मंडी से सब्जी और फल खरीदकर वे 17 फीसदी मुनाफे पर होम डिलीवरी करते हैं। फेरी वालों का यह मुनाफा 200 फीसदी के आसपास होता है। वे कहते हैं कि हम 10 रुपए किलो खरीदा टमाटर 12 रुपए में बेचते हैं। इसके बाद भी हम नो प्रॉफिट-नो लॉस की स्थिति में हैं। हमारे यहां हर दिन 40 क्विंटल सब्जियों की खपत हो रही है। अभी हमारा उद्देश्य ग्राहक बढ़ाकर उनका विश्वास जीतना है।
कोल्ड स्टोरेज, थोक खरीदी की तैयारी
सिंह बताते हैं कि हमारा उद्देश्य खुद के कोल्ड स्टोरेज स्थापित करना और बल्क में बिकवाली शुरू करने का है। इसके लिए करोड़ों रुपए के निवेश की जरूरत होगी। हम कुछ रणनीतिक निवेशकों से चर्चा में है।
छाेटे कारोबारियों पर नहीं पड़ेगा असर 
फल के थोक व्यापारी साजीद मौलाना कहते हैं कि इस तरह की सुविधाएं केवल शहर के अभिजात्य वर्ग के लिए है। यह वर्ग तो अभी भी मंडी नहीं आता। ऐसे परिवार घर में सब्जी लाकर देने वाले को 2 रुपए ज्यादा देने को तैयार है। ऐसे में शहर की परंपरागत सब्जी मंडियों और ठेले वालों के कारोबार पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
हर दिन अलग सब्जी का ऑप्शन
>बायफ्रेशवेज की साइट पर जाकर इलाके में डिलीवरी सुविधा चैक कर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
>रजिस्ट्रेशन के बाद अगले 7 दिनों के लिए यह चुना सकता है कि किस दिन, कौन सी सब्जी चाहिए। सब्जी कब मिले यह भी तय किया जा सकता है।
>एक रजिस्ट्रेशन पर एक दिन में सिर्फ दो टाइम ऑर्डर।
>फिलहाल होशंगाबाद रोड, अरेरा कॉलोनी और आकृति ईको सिटी के रहवासियों के लिए सुविधा है। जल्द ही पंचवटी, गांधी नगर और कोहेफिजा में मिलेगी सर्विस।
माता-पिता बाजार जा नहीं सकते
हमारे घर में सारे लोग कामकाजी हैं। बुजुर्ग माता-पिता बाहर नहीं जा सकते। ऐसे में हमने इस वेबसाइट पर फरवरी में रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद से वेबसाइट के जरिए सब्जियां बुला रहे हैं। महेशचंद्र खरे, अरेरा कॉलोनी
इनकी डिलिवरी का टाइम फिक्स है। क्वालिटी भी अच्छी होने से सोसाइटी के अधिकांश लोेग इससे जुड़ चुके हैं। जितेंद्र पटेल, आकृति ईको सिटी

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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