भोपाल-एम्स के ग्रीन बेल्ट को खत्म करने का प्लान खारिज, | BetwaanchalBetwaanchal भोपाल-एम्स के ग्रीन बेल्ट को खत्म करने का प्लान खारिज, | Betwaanchal
दिनांक 22 May 2019 समय 2:04 AM
Breaking News

भोपाल-एम्स के ग्रीन बेल्ट को खत्म करने का प्लान खारिज,

1_1429303692भोपाल. एम्स के आसपास ग्रीन बेल्ट और आवासीय क्षेत्र को कमर्शियल में तब्दील करने वाले जोनल प्लान को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) ने खारिज कर दिया है। नगर निगम का यह प्लान शुरू से ही विवादास्पद था। इसमें भोपाल के मास्टर प्लान के प्रावधानों की गंभीर अनदेखी की गई थी। यदि यह प्लान लागू हो जाता तो अनियोजित विकास होता और रही-सही हरियाली भी खत्म हो जाती।

फायदा बिल्डरों को होता, जो ग्रीन बेल्ट पर कमर्शियल कॉम्पलेक्स बनाते। इस प्लान में साकेत नगर, शक्ति नगर व अलकापुरी स्थित कॉलोनियों को कमर्शियल करने का प्रावधान था। टीएंडसीपी ने इसे खारिज करते हुए पिछले दिनों साफ तौर पर कहा कि यह पूरी तरह से गलत है। अब नगर निगम को नए सिरे से प्लान बनाना होगा।एम्स के आसपास 750 हेक्टेयर व न्यूमार्केट क्षेत्र की 306.35 हेक्टेयर जमीन शामिल की गई। टेंडर हुए। फिर निजी एजेंसी को काम दे दिया गया। डेढ़ साल पहले एजेंसी ने दोनों के प्लान निगम को सौंप दिए। निगम ने एक साल पहले सिर्फ एम्स के प्लान का प्रकाशन करने के लिए इसे टीएंडसीपी को भेजा था। अब बीडीए द्वारा इस क्षेत्र से जुड़े एक मामले में कोर्ट जाने के बाद टीएंडसीपी से जवाब मांगा गया तो उसने प्लान पर आपत्ति लगा दी।

निगम ने ही दबा दिए प्लान – नगर निगम ने न्यू मार्केट और एम्स का जोनल प्लान से पहले तैयार कर लिया था। दो साल पहले बैरागढ़ जोनल प्लान बनाने का भी काम एक कंपनी को दिया जा चुका है। निगम ने ये प्लान अपने पास ही दबाकर रखे। कारण-तत्कालीन जनप्रतिनिधियों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई।
क्या है जोनल प्लान – जोनल प्लान के तहत मास्टर प्लान में किए गए प्रावधानों को विस्तार दिया जाता है। मसलन यदि मास्टर प्लान में किसी क्षेत्र में लैंडयूज सार्वजनिक व अर्ध सार्वजनिक रखा गया है तो जोनल प्लान में इसका विस्तार देते हुए यह बताया जाता है कि यहां कितने क्षेत्र में कौनसे उपक्रम आएंगे। यहां कौनसी सुविधा का विकास होगा। ट्रैफिक, लैंडयूज व अन्य सुविधाओं की दस साल के हिसाब से प्लानिंग की जाती है। नगरीय निकाय प्लान का ड्राफ्ट बनाकर टीएंडसीपी को भेजते हैं। टीएंडसीपी इसका प्रकाशन कर दावे-आपत्ति बुलाकर इसे मंजूरी के लिए शासन को भेज देता है।
प्लान बनाना जरूरी क्यों : एम्स शुरू हो चुका है। लेकिन आसपास विकास की प्लानिंग नहीं है। इसके चलते साकेत नगर, शक्ति नगर का आवासीय इलाका तेजी से बिना अनुमति कमर्शियल हो रहा है।
– यहां इंफ्रास्ट्रक्चर को बिना अपग्रेड करें ही अनियोजित विकास हो रहा हैं।
– कैसे सुविधाएं मिलेंगी। रोड नेटवर्क क्या होगा? इसकी व्यवस्था भी नहीं है।
यह क्षेत्र शामिल थे जोनल प्लान में : रचना नगर, गौतम नगर, आईएसबीटी, डीआरएम, अलकापुरी, साकेत नगर, शक्ति नगर, बागमुगालिया, अरविंद विहार, जाटखेड़ी से लेकर मिसरोद तक का क्षेत्र।
टीएंडसीपी ने इसलिए किया खारिज 
– लैंडयूज से छेड़छाड़ की गई। नियम तोड़े गए।
– मौजूदा भवनों व लेआउट की परमिशन नहीं बदली जा सकती। बदलेंगे तो पूरे इलाके के करीब 2000 मकान कमर्शियल हो जाएंगे। जिन लोगों ने आवासीय जरूरत के लिए मकान खरीदे, वे परेशान होंगे।

comments

About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
Scroll To Top