दिनांक 24 June 2018 समय 2:25 PM
Breaking News

पन्ना हादसे के बाद- बस ऑपरेटरों के लिए सख्त गाइड लाइन जारी

ShareGoogle+FacebookLinkedInTwitterStumbleUponEmail

1a_1431035388भोपाल. सड़कों पर दौड़ रहीं 15 साल पुरानी बसें अब बंद होंगी। यदि ऐसी बसें किसी स्कूल से जुड़ी या अनुबंधित है तो उन्हें भी बंद किया जाएगा। इन बसों का न रजिस्ट्रेशन होगा और न ही आगे से कोई फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। बस में गाने और म्यूजिक सिस्टम की भी मनाही होगी।

पन्ना में हुए बस हादसे की घटना के बाद सरकार ने एक बार फिर बस ऑपरेटरों के लिए सख्त गाइड लाइन जारी की है। परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने परिवहन अधिकारियों के साथ गुरुवार को बैठक कर इसे तय किया है, जिनका पालन नहीं करने वाली बसों को जब्त तक किया जाएगा।उल्लेखनीय है चार साल पहले भी सेंधवा में इसी तरह का बस हादसा हुआ था, तब भी बस आग की भेंट चढ़ गई थी। 14 यात्री जिंदा जल गए थे। हादसे की जांच रिपोर्ट आई, जिसमें कई सिफारिशें की गईं लेकिन पालन आज तक नहीं हुआ। अब फिर से परिवहन विभाग ने गाइड लाइन जारी की है। इस बार समयबद्ध कार्यक्रम बनाया गया है कि एक सप्ताह के भीतर आरटीओ पूरी गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराएं।

बस स्टैंड में जाकर फिटनेस देखा जाए। परिवहन मंत्री ने खुद भी जाने की बात की।
ड्रायवर गुस्से में तेज चला रहा था बस – सिंह : बैठक के बाद परिवहन मंत्री सिंह ने कहा कि पन्ना बस हादसे में ड्राइवर की तरफ से चूक हुई।
जिंदा बचे लोगों ने पूछताछ में बताया है कि ड्राइवर लापरवाही से बस चला रहा था। स्टेयरिंग लॉक नहीं हुआ। यह भी बात सामने आई कि ड्राइवर का बस मालिक व भाजपा मंडल अध्यक्ष ज्ञानेंद्र पांडे से पैसों का कोई लेन-देन था, जो नहीं मिलने के कारण वह गुस्से में था। इसीलिए पुलिस महानिदेशक से कहा गया है कि ड्राइवर पर धारा 304 के तहत मामला दर्ज हो।
336 बसों के परमिट रद्द
दो दिन में परिवहन विभाग ने प्रदेशभर 2300 बसों की फिटनेस जांच की। इसमें से 336 बसें में कमियां पाई गईं। विभाग ने इन बसों के परमिट रद्द कर दिए हैं। इनमें भोपाल से चलने वाली बसों की संख्या 15, जबकि रीवा, शहडोल और जबलपुर रूट से चलने वाली बसों की संख्या सर्वाधिक 200 है।
>इंदौर की चार्टर्ड व हंस ट्रेवल्स, भोपाल के वर्मा ट्रेवल्स और मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम वॉल्वो का संचालन करता है।
>भोपाल से इंदौर, सागर और पुणे के बीच चलती हैं 15 से ज्यादा वॉल्वो बसें।
ShareGoogle+FacebookLinkedInTwitterStumbleUponEmail

comments

About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
Scroll To Top