नीमच में दिखा कश्मीर सा नजारा | BetwaanchalBetwaanchal नीमच में दिखा कश्मीर सा नजारा | Betwaanchal
दिनांक 19 September 2019 समय 5:34 AM
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नीमच में दिखा कश्मीर सा नजारा

19_1426426840इंदौर. मालवा-निमाड़ में लगातार चौथे दिन बारिश का दौर जारी रहा। रविवार को कई जगह मानों ओलों की ही बारिश हुई। इंदौर में भी गांधी नगर, विजय नगर, अन्नपूर्णा रोड सहित कुछ क्षेत्रों में जबरदस्त ओले गिरे। लोगों का कहना है ऐसी ओलावृष्टि लंबे समय बाद देखी। मौसम विभाग के अनुसार यह पश्चिमी विक्षोभ का असर है। सोमवार को मौसम साफ हो जाएगा।  शहर में शाम करीब चार बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। इसके बाद 5.30 बजे तक 3.2 मिमी पानी गिरा। इसी दौरान ओलावृष्टि हुई। हालांकि इसके तुरंत बाद धूप भी निकल आई। 24 घंटे में 14.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। ओला व पानी गिरने से फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने बताया कि पटवारी व अन्य अधिकारियों को सोमवार को प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे के लिए कहा गया है। महू, मानपुर, देपालपुर, गौतमपुरा, बेटमा में शनिवार रात व रविवार को तेज बारिश हुई। ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। धार व देवास जिले में भी फसलें प्रभावित हुई हैं।  पेज 2 भी पढ़ें

सड़क-आंगन में बिछे ओले, फिर भी कम नहीं हुआ तापमान
रविवार को शाम 4 से 5 बजे के बीच शहर के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ ओले भी गिरे। कहीं-कहीं तो सड़क-आंगन में ओलों की चादर बिछ गई, हालांकि इस बारिश के कारण पारा नीचे नहीं आया, बल्कि दिन के तापमान में 3.4 डिग्री का उछाल आ गया। अधिकतम तापमान 30 डिग्री रहा, जबकि शनिवार को यह 26.6 डिग्री था।
इसलिए बढ़ा तापमान
मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार रविवार को इंदौर में तेज धूप थी लेकिन वातावरण में नमी रही। इससे कम दबाव का क्षेत्र बन गया। इस तरह की स्थिति बनती है तब बादल बनते हैं। बादलों के कारण ठंडक का एहसास होता है लेकिन पारा उछल जाता है। यही वजह है कि बारिश व ओला गिरने के बावजूद तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दिन का पारा बढ़ेगा
सोमवार को करीब 80 प्रतिशत मौसम साफ हो जाएगा। इसके बाद दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी। रात के तापमान में कमी आएगी। मंगलवार तक न्यूनतम तापमान 13 डिग्री तक पहुंच सकता है।
यहां भी मौसम ने दिखाए रंग
निमाड़- खरगोन के खामखेड़ा, धूलकोट में ओले, निवाली में 40 मकान गिरे, बच्ची की मौत।
रतलाम-  नीमच जिले में ओलावृष्टि से करोड़ों की ईसबलगोल पानी में घुली।
उज्जैन-शाजापुर- | आगर क्षेत्र में बिजली देर तक कड़की। तापमान गिरा।
ग्वालियर-  मार्च में एक दिन की बारिश ने तोड़ा एक सदी का रिकॉर्ड।
ज्यादा नुकसान नहीं
ज्यादा नुकसान नहीं है। महू ब्लॉक के कुछ गांवों से फसलें प्रभावित होने की सूचनाएं  हैं। सर्वे करवा रहे हैं। सोमवार को रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक स्थिति के बारे में बता सकेंगे।
ए.के. मीणा, उपसंचालक कृषि
लेबड़-मानपुर फोरलेन पर किसानों का धरना 
ओलों की बारिश से फसलों को हुए नुकसान से दुखी किसानों ने लेबड़-मानपुर फोरलेन पर दो घंटे धरना दिया।
आधे प्रदेश में आज राहत
सोमवार को दक्षिण-पश्चिमी मप्र में मौसम साफ हो जाएगा, जबकि पूर्वी हिस्से में दो दिन ऐसी ही स्थिति रहेगी। हल्की बारिश भी होगी।  एक हफ्ते बाद पश्चिमी विक्षोभ फिर आएगा।
अनुपम कश्यपी, निदेशक मौसम विभाग
इंदाैर : लगातार चौथे दिन भी बारिश ने मौसम को पानी-पानी कर दिया है। सुबह तेज धूप निकली, लेकिन शाम होते-होते बादल छा गए। शाम 4 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी के साथ कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। गांधी नगर, विजय नगर, अन्नपूर्णा रोड सहित अन्य क्षेत्रों में बड़े-बड़े ओले गिरे। वैसे बीते 24 घंटे में 14.8 मिमी बारिश रिकार्ड दर्ज की गई। किसानों का कहना है कि इस बारिश ने फसल पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। तीन दिन बाद तेज धूप निकली, लेकिन तापमान में कोई कमी नहीं आई। अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री रहा।
नीमच : रविवार सुबह 7 से 7.30 बजे नीमच शहर व आसपास के क्षेत्र में जमकर ओले गिरे। सड़कों पर ओलों की चादर बिछ गई। रेलवे स्टेशन से लेकर कुछ मार्ग तो एेसे लगे, मानो कश्मीर हो। रेलवे स्टेशन, गोमाबाई रोड और वंृदावन काॅलोनी में किसी ने मोबाइल से फोटो लिए तो कोई कैमरा निकाल लाया। पिछले चार दिन से हो रही मावठे की बारिश और ओलावृष्टि ने कहर बरपा दिया है। बारिश से जिलेभर में 19 हजार 738 हेक्टेयर में बोई गई ईसबगोल की अधिकांश फसल पानी में घुल गई है। इसके अलावा अफीम, धनिया, जीरा, गेहूूं सहित अन्य फसलों में भी करोड़ों का नुकसान हुआ है।
धार : शहर सहित आसपास के इलाके में रविवार दोपहर में बादल फिर बरसे। धार में शाम 4 बजे जोरदार बारिश हुई। चने के आकार के ओले भी कुछ देर तक गिरते रहे। करीब 30 मिनट तक तेज बारिश हुई। दिग्ठान के समीप नारायणपुरा, बछड़ावदा और निजामपुरा में भी रविवार दोपहर को ओले गिरे। ओले इतनी तेजी से गिर रहे थे कि नयापुरा निवासी केशव शर्मा के मकान की दीवार पर निशान बन गए हैं। वहीं गेंहू कर फसल पूरी तरह से खेतों में गिर गई है।
मंदसौर : शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश के साथ ही कुछ जगहों पर ओले गिरे हैं। मंदसौर में बारिश हुई है, जबकि सीतामऊ और भापुरा क्षेत्र में ओले गिरे हैं। करीब आधे घंटे तक बारिश के साथ ओले गिरते रहे। जिससे फसल पूरी तरह से खेतों में गिर गई है।
शाजापुर : शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर जिले के करीब 30 से 40 गांव में जोरदार बारिश के साथ ओले गिरे हैं। दुपाड़ा क्षेत्र के करीब 10 किलोमीटर एरिया में आेलों ने तबाही मचाई है।  मो. बड़ोदिया और सारंगपुर में भी जमकर ओले गिरे हैं, जिससे संतरों को काफी नुकसान हुआ है।
देवास : देवास में हल्की रिमझिम बारिश होती रही। वहीं अंचल में चापड़ा और टोककला क्षेत्र में ओले गिरे हैं। जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है। अरगुली गांव इतने ओले गिरे की बर्फ की चादर बिछ गई।
रिकार्ड बारिश : इस बार बारिश ने मार्च का रिकार्ड तोड़ दिया। इस महीने जितनी बारिश हुई, उतनी आज तक कभी नहीं हुई। मौसम कभी नरम-कभी गरम बना हुआ है। मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार यह पश्चिमी विक्षोभ का असर है। सोमवार तक मौसम साफ होने के आसार हैं। हालांकि कृषि विभाग अभी नुकसान की बात को नकार रहा है। पटवारी से सर्वे की बात की जा रही है।

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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