दिनांक 23 July 2018 समय 1:20 AM
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निर्भया गैंगरेप के दोषियों ने जेल के अंदर जश्न मनाया था?

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Nirbhayaतिहाड़ जेल

निर्भया गैंगरेप के दोषियों में से कैदी विनय और पवन ने 16 दिसंबर को जेल के अंदर जश्न मनाया था ? सूत्रों की मानें तो यह सच है। इन दोनों कैदियों ने जेल नंबर-7 में गुब्बारे और मिठाई का केक बनाकर इस दिन को सेलिब्रेट किया था। लेकिन तिहाड़ जेल के डीआईजी मुकेश प्रसाद ने इस बात से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई सेलिब्रेशन जेल में हो ही नहीं सकता। उन्होंने कहा कि जेल के अंदर गुब्बारा और केक लाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।

तिहाड़ जेल के विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि 16 दिसंबर 2014 को विनय और पवन ने जेल नंबर-7 में अपनी बैरक के अंदर जश्न मनाया था। इसमें यह कैदी कहीं से गुब्बारा लाने में भी कामयाब हो गए थे। केक काटने के रूप में इन्होंने जेल से मिलने वाली मिठाई को ही केक की शक्ल देकर उसे काटा था। बताया जाता है कि दोनों रेपिस्टों ने यह कहकर जश्न मनाया था कि आज निर्भया की बरसी है, चलो एक साल और बचे इस बात का पता जैसे ही जेल नंबर-7 के सीनियर अफसरों को हुआ, वैसे ही उनमें करंट दौड़ गया था। आनन-फानन में दो अधिकारी इनकी बैरक में गए थे और वहां जाकर उन्होंने गुब्बारा फोड़कर इन्हें वहां से हटाया था। लेकिन इस बात की भनक फिर भी जेल के कई अन्य कैदियों को लग गई थी। इस बात की जानकारी एनबीटी को मुकेश सिंह के कथित रूप से बीबीसी को दिए गए इंटरव्यू मामले की तहकीकात करते हुए पता लगी।

निर्भया गैंग रेप के 6 दोषियों में से राम सिंह ने मार्च 2013 में ट्रायल के दौरान ही सूइसाइड कर लिया था। आरोपियों में एक नाबालिग भी है। चार अन्य दोषियों में से विनय और पवन जेल नंबर-7 में और मुकेश सिंह और अक्षय ठाकुर जेल नंबर-5 में बंद हैं। मुकेश सिंह इस मामले के मुख्य दोषी राम सिंह का भाई है। देश को हिला देने वाली यह वारदात 16 दिसंबर, 2012 की रात साउथ दिल्ली में एक चलती बस में हुई थी। सभी छह आरोपी उस बस में थे, जिसमें 23 साल की ‘निर्भया’ अपने दोस्त के साथ अपने घर जाने के लिए चढ़ी थी।

सूत्रों का कहना है कि निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं लगता। यह चारों डरे हुए जरूर हैं लेकिन अपने किए पर यह लोग बहुत अधिक शर्मिंदा नहीं है। यह जानकारी सूत्रों को जेल में इन चारों की निगरानी करने वाले जेल अधिकारियों से बात करने पर मिली। इनकी यही सोच है, तभी तो मुकेश सिंह ने भी अपने इंटरव्यू में कहीं कोई पछतावे वाली बात नहीं बोली।

सूत्रों ने बताया कि निर्भया गैंगरेप का जश्न मनाने वाली बात का पता लगने के बाद तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने इस बात को दबाना ही उचित समझा। सूत्रों का कहना है कि इस बात की जानकारी जेल नंबर-7 ही नहीं बल्कि अन्य कई जेलों के भी टॉप अफसरों को है। मगर हर कोई इसकी सचाई बोलने से कतरा रहा है।

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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