दिनांक 20 October 2018 समय 2:18 PM
Breaking News

देश के 18 बड़े टैक्स डिफॉल्टर

ShareGoogle+FacebookLinkedInTwitterStumbleUponEmail

tax दिल्ली

आयकर विभाग ने मंगलवार को देश के 18 बड़े टैक्स डिफॉल्टर्स के नाम को सार्वजनिक किया है। इन सब पर कुल मिलाकर 5,00 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें 11 का संबंध गुजरात से है।

इस सूची में जयपुर स्थित गोल्डसुख ट्रेड इंडिया सबसे ऊपर है जिस पर 75.47 करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा सोमानी सीमेंट पर 27.47 करोड़ रुपये, ब्लू इंफर्मेशन टेक्नॉलजी पर 75.11 करोड़ रुपये, ऐपलटेक सलूशन पर 27.07 करोड़ रुपये, जूपिटर बिजनस पर 21.31 करोड़ रुपये और हिरक बायॉटेक पर 18.54 करोड़ रुपये बकाया है।गुजरात स्थित कई कंपनियों के नाम भी इस लिस्ट में हैं। उनमें आइकन बायो फार्मा ऐंड हेल्थकेयर लि. पर 17.69 करोड़ रुपये, बनयान ऐंड बेरी एलॉयज पर 17.48 करोड़ रुपये, लक्ष्मीनारायण टी.ठक्कर पर 12.49 करोड़ रुपये, विराग डाइंग ऐंड प्रिंटिंग पर 18.57 करोड़ रुपये, पूनम इंडस्ट्रीज पर 15.84 करोड़ रुपये और कुंवर अजय फूड प्रा.लि. पर 15 करोड़ रुपये बकाया है।

कोलकाता स्थित विक्टर क्रेडिट ऐंड कंस्ट्रक्शन पर 13.81 करोड़ रुपये, मुंबई स्थित नोबल मर्चेंडाइज पर 11.93 करोड़ रुपये और पूणे स्थित जी.के. धारणे की कानूनी वारिसों पर 38.31 करोड़ रुपये बकाया हैं।

एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने बताया, ‘इन नामों को सार्वजनिक करने का उद्देश्य यह है कि आम आदमी आए और विभाग को यह जानकारी जुटाने में मदद करें कि ये कहां हैं। आयकर विभाग का यह कदम उन कंपनियों के खिलाफ जागरूकता पैदा करना है जो कानून के खिलाफ काम कर रही हैं। इन नामों को शुरू में विभाग की वेबसाइट पर भी डाला गया।’

आज अखबारों में टैक्स बकायेदारों का नाम प्रकाशित हुआ और बताया गया है कि डेटा दिल्ली स्थित आयकर (प्रशासन) विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्त द्वारा प्रकाशित करवाए गए हैं।

आक्रमक रुख अपनाते हुए पहली बार सरकार ने गोल्डसुख ट्रेड और सोमानी सीमेंट्स समेत 18 टैक्स बकायेदारों का नाम सार्वजनिक कर दिया है। आईटी विभाग के अनुसार ये सभी जानबूझकर टैक्स अदा करने से बच रहे हैं। इन कंपनियों को बकाया टैक्स के भुगतान के लिए दबाव बनाने के मकसद से सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग से उनके नाम अपनी वेबसाइट पर डालने को कहा था। सीबीडीटी के निर्देशानुसार 18 बकायेदारों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं जिनमें से 11 गुजरात आधारित हैं। नोटिस में कहा गया है, ‘बकायेदारों से बकाया टैक्स राशि तुरंत अदा करने का सुझाव दिया जाता है।’

एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने बताया, ‘पहली बार ऐसा हुआ है जब विभाग ने 10 करोड़ और उससे अधिक टैक्स बकायेदारों के नाम सार्वजनिक किए हैं।’ उन्होंने बताया कि विभाग ने लोगों की जानकारी में लाने के लिए इन बकायेदारों का पैन नंबर और आखिरी बार जो इन्होंने पता दिया था, वह नोटिस में उल्लेख किया है

ShareGoogle+FacebookLinkedInTwitterStumbleUponEmail

comments

About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
Scroll To Top