दिनांक 25 September 2018 समय 8:20 PM
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दुनिया दहशत में, नॉर्थ कोरिया के धमाके से आपके छह सवालों के जवाब जानें

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नॉर्थ कोरिया के हाइड्रोजन बम के टेस्ट के बाद दुनिया में हड़कंप मच गया है। टेस्ट के बाद फौरन बाद पड़ोसी देशों जापान, साउथ कोरिया और यूएन ने आपात बैठक बुलाई। नॉर्थ कोरिया के दोस्त चीन ने भी आलोचना की है। साथ ही, प्रतिबंध लगाने की बात कही।
जापानी डिफेंस मिनिस्टर दौड़ कर भागे…

bewaanchal news

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जापानी कैबिनेट की आपात बैठक में शामिल होने डिफेंस मिनिस्टर जनरल नाकातानी भागते हुए पहुंचे। जापान के प्रधानमंत्री ने टेस्ट को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उधर, द.कोरिया ने सेना को सतर्क रहने के आदेश दिए हैं।

6 सवालों के जवाब बताएंगे इस परीक्षण का महत्व
1. क्या हाइड्रोजन बम परमाणु बम से शक्तिशाली है?
हां, अमेरिका द्वारा हिरोशिमा पर गिराए गए एटम बम से सिर्फ हिरोशिमा शहर बर्बाद हुआ था। लेकिन उतना बड़ा हाइड्रोजन बम गिराएं तो पूरा जापान या द. कोरिया खत्म हो सकता है। एटम बम फटने पर उसके कण 1:3 की दर से फैलते हैं। इसे एटॉमिक फिजन कहते हैं। लेकिन हाइड्रोजन बम फटता है तो उसे एटॉमिक फ्यूजन कहते हैं। इसमें कण टूटते तो हैं लेकिन फिर जुड़कर नया एटम बना देते हैं। इससे और बड़ा धमाका होता है।
2. उत्तर कोरिया ने परीक्षण क्यों किया?
अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर कोरिया यह संदेश देना चाहता है कि उनके पास परमाणु ताकत तो थी ही, अब हाइड्रोजन बम की ताकत भी है। हमें दुनिया गंभीरता से ले।
3. परीक्षण अभी ही क्यों?
शुक्रवार को उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन का जन्मदिन है। उसने वर्कर्स पार्टी की बैठक में कहा था कि मुझे नए साल पर बहुत बड़ी रिंग चाहिए जो धमाकेदार हो। जिसे दुनिया देखे।
4. क्या असली हाइड्रोजन बम है?
संदेह है। अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उस देश को साधारण मिसाइल तकनीक विकसित करने में मुश्किल आ रही है। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि वह ऐसा बम बना सकता है।
5. यह हाइड्रोजन बम नहीं तो क्या है?
संभव है कि उत्तर कोरिया ने एटम बम के बीच ट्रिटियम जैसा पदार्थ रखा हो जो हाइड्रोजन बम बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। इससे परमाणु बम की क्षमता बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।
6. पड़ोसियों पर असर?
उ. कोरिया के पास जापान व द. कोरिया तक हमला करने वाली मिसाइलें हैं। अगर ऐसे बमों का उपयोग इन मिसाइलों से करता है तो पड़ोसी देशों के लिए चिंता का विषय है।
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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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