दिनांक 18 August 2018 समय 2:08 AM
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ट्रेन चलने के पहले दे दी जाती है चेतावनी–खतरनाक खाई से गुजरती है ट्रेन

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rail_1442948643पुणे/मुंबई. हम आपको महाराष्ट्र के रायगढ़ ज़िले में स्थित ‘माथेरान हिल स्टेशन’ के बारे में बता रहे हैं। यह हिल स्टेशन दुनिया की उन गिनी-चुनी जगहों में से एक है जहां खतरनाक रास्ते होने के कारण किसी भी किस्म की गाड़ियां ले जाने पर सख्त बैन है। यहां टूरिस्ट को ट्रैवल करने के लिए टॉय ट्रेन का इस्तेमाल करना पड़ता है, जो ऊंची खाई के किनारे बेहद कठिन रास्तों से होकर गुजरती है। बताया जाता है कि यहां ट्रेन चलाने वाले ड्राइवर को ख़ास ट्रेनिंग दी जाती है, जो बेहद सावधानी से ट्रेन को खाई से बगल से ले जाता है। टूरिस्ट को भी इस रूट पर सावधानी बरतने की चेतावनी दी जाती है।
सबसे घुमावदार रेल ट्रैक
माथेरान पहुंचने के लिए मुंबई के करीब नेरूल जंक्शन से दो फुट चौड़ी नैरो गेज लाईन पर चलनेवाली ट्वॉय-ट्रेन सबसे बेहतर विकल्प हैं जो लगभग इक्कीस किमी का सफर तय कर सवारियों को माथेरान बाजार के बीच स्थित रेलवे स्टेशन तक पहुंचाती है। यह ट्वॉय ट्रेन देश के सबसे घुमावदार रेल पथ पर चलती है, जिसका ग्रेडियंट 1:20 है।
देश का सबसे छोटा हिल स्टेशन
माथेरान को देश के सबसे छोटे हिल स्टेशन होने का दर्जा मिला है। वैसे तो सालभर ही माथेरान में कुदरती सुंदरता के अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं, लेकिन जून से अगस्त यानी बारिश के दिनों को छोड़कर बाकी समय मौसम बेहद सुहावना रहता है। बारिश के मौसम में बादलों के बीच दूर-दूर तक नजारे कम देखने को मिलते हैं साथ ही यहां कच्ची सड़क होने से फिसलने का खतरा भी बढ़ जाता है। बारिश के मौसम का भी यहां अपना अलग मजा है। बरसात में यहां के पहाड़ वॉटर फॉल में बदल जाते हैं।
पैदल घूमने का आनंद
माथेरान में गाड़ियां न चलने के कारण यह देश का प्रदूषणरहित हिल स्टेशन होने का खिताब जीत चुका है। वैसे यहां सवारी के लिए घोड़े, खच्चर, हाथ से खींचने वाले रिक्शे और पालकी उपलब्ध रहते हैं लेकिन आप चाहें तो पैदल घूम कर भी पूरे हिल स्टेशन का मजा ले सकते हैं।
20 से जायदा व्यू-प्वाइंट
माथेरान में देखने के लिए 20 से ज्यादा व्यू प्वाइंट, झीलें और पार्क हैं जिनमें मंकी प्वाइंट, इको प्वाइंट, मनोरमा प्वाइंट, सनराइज और सनसेट प्वाइंट प्रमुख हैं। लिटिल चॉक और चॉक पॉइंट से नवी मुंबई की ओर के बेहद खूबसूरत और आकर्षक नजारों का लुत्फ लिया जा सकता है।
कच्चे रास्तों का हिल स्टेशन
माथेरान में पैदल रास्ते भी कच्ची-पक्की पगडंडियों के तौर पर ही मिलते हैं जिनके जरिए नीचे घाटी की तरफ जाने पर उस झील तक भी पहुंचा जा सकता है जहां से पूरे माथेरान में पानी की सप्लाई होती है।
कैसे पहुंचे यहां
माथेरान पहुंचने के लिए आपको मुम्बई या पुणे से नेरल के लिए टैक्सी लेनी होगी। यदि आप चाहें तो मुम्बई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से नेरल स्टेशन तक लोकल ट्रेन में भी आ सकते हैं। नेरल से माथेरान ट्वॉय ट्रेन से जाने में लगभग दो घंटे का समय लगता है। यहां साढ़े सात बजे सुबह से शाम लगभग छह बजे तक यह ट्वॉय ट्रेन उपलब्ध हो जाती है। यह मुंबई से 90 और पुणे से 120 किलोमीटर दूर स्थित है।
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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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