दिनांक 18 December 2017 समय 1:06 AM
Breaking News

इंटरनेट के बिना स्मार्टफोन पर टीवी चैनल्स दिखाएगा प्रसार भारती

ShareGoogle+FacebookLinkedInTwitterStumbleUponEmail

smartphoneनई दिल्ली

पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती स्मार्टफोन्स पर लोगों को टीवी चैनल्स दिखाने के एक पायलट प्रॉजेक्ट पर काम कर रहा है। खास बात यह है कि इसमें इंटरनेट या टेलीकॉम ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल नहीं होगा। प्रसार भारती की योजना इसके जरिए दर्शकों की अभी तक की सबसे अधिक संख्या तक बिना इंटरनेट के टीवी चैनल्स स्मार्टफोन्स पर पहुंचाने की है। 

प्रसार भारती के सीईओ जवाहर सरकार ने ईटी से कहा, ‘जब दुनिया टेरेस्टेरियल से सैटेलाइट की ओर जा रही है तो दूरदर्शन पीछे जा रहा था। अब आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता नई टेक्नॉलजी के साथ मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर इस्तेमाल करने का है।’

इसकी शुरुआत में प्रसार भारती की योजना लगभग 20 फ्री-टु-एयर चैनल्स का एक बुके तैयार करने की है। इसमें डीडी के टॉप चैनल्स के अलावा बड़े प्राइवेट ब्रॉडकास्टर्स के लोकप्रिय फ्री-टु-एयर चैनल्स भी शामिल होंगे।

इसका मकसद नए जमाने के व्यूअर्स के साथ जुड़ना है, जो अपना काफी समय स्मार्टफोन और टैबलेट पर बिताते हैं।

सरकार ने बताया कि प्रसार भारती को यह लक्ष्य हासिल करने के लिए केवल अपने मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना होगा। उन्होंने कहा कि इंस्टॉल्ड ट्रांसमिटर्स की एक बड़ी संख्या है, जिनका इस्तेमाल डिजिटल सिग्नल्स को सीधे एक्सटर्नल डोंगल या एक इनबिल्ट चिप के जरिए भेजने के लिए किया जा सकता है।

उन्होंने बताया, ‘हर व्यूअर एक हैंड-हेल्ड डिवाइस से जुड़े डोंगल के जरिए कॉन्टेंट देख सकेगा, जिसे सैमसंग, ऐपल, माइक्रोसॉफ्ट और एचसीएल जैसे हार्डवेयर मैन्युफैक्चरर्स अपने सिस्टम में इनबिल्ट कर सकते हैं, जैसा प्राइवेट एफएम रेडियो चैनल्स के लिए किया गया था।’

प्रसार भारती ने यह योजना मिनिस्ट्री ऑफ इन्फर्मेशन ऐंड ब्रॉडकास्टिंग को भेजी है। अभी दिल्ली में इंपोर्टेड डोंगल्स के इस्तेमाल से इसे इन-हाउस टेस्ट किया जा रहा है।

योजना के मुताबिक, व्यूअर्स एक सिंगल ब्रॉडकास्ट सर्विस में लगभग 20 टीवी चैनल्स और 20 रेडियो चैनल्स हासिल कर सकेंगे। ये फ्री टु एयर और फ्री फॉर लाइफ होंगे। इसके लिए किसी डिश, इंटरनेट और सेट-टॉप बॉक्स की जरूरत नहीं होगी।

ये ब्रॉडकास्ट एक बड़े एरिया के लिए होंगे, जिसे ट्रांसमिटर्स कवर करेंगे। यह एरिया डीडी के मौजूदा टेरेस्टेरियल ट्रांसमिशंस की कवरेज से बड़ा होगा।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह योजना बहुत महत्वकांक्षी है और इसकी अपनी सीमाएं हैं, लेकिन अगर यह कामयाब होती है तो इसके परिणाम अच्छे होंगे।

सीनियर मीडिया एक्सपर्ट और मुंबई की अडवाइजरी फर्म सफायर प्रोफेशनल सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर टिम्मी कंधारी ने कहा, ‘यह तभी काम कर सकती है, जब टेक्नॉलजी बहुत अच्छी और मौजूदा उपलब्ध टेक्नॉलजी से अलग हो।’ हालांकि, इसके साथ हार्डवेयर से जुड़े मुद्दे हो सकते हैं क्योंकि आईफोन जैसे बहुत से फोन्स में डोंगल के इस्तेमाल का प्रोविजन नहीं होता और प्राइवेट ब्रॉडकास्टर्स पहले ही स्मार्टफोन्स के लिए अपने प्लेटफॉर्म्स तैयार कर रहे हैं।

ShareGoogle+FacebookLinkedInTwitterStumbleUponEmail

comments

About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
Scroll To Top