दिनांक 19 October 2018 समय 4:16 AM
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आईएस के 10 हज़ार ट्विटर अकाउंट्स हुए सस्पेंड

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ISIS-twitter (1)अमेरिका

इंटरनेट पर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का ट्विटर ट्रैफिक देखने और फॉलो करने वाले एक्टिविस्ट और एक्सपर्ट्स बीते हफ्ते तब हैरान रह गए जब उन्हें आईएस से संबंधित कई अकाउंट्स गायब मिले। इन लोगों ने इस संदेह में एक-दूसरे को संदेश भी किए कि उनके अकाउंट्स सस्पेंड कर दिए गए हैं।

ट्विटर के एक प्रतिनिधि ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि सोशल मीडिया नेटवर्क्स डिपार्टमेंट ने करीब 10 हज़ार अकाउंट्स को सस्पेंड किया है। इन अकाउंट्स से हिंसात्मक ट्वीट किए जा रहे थे।

ट्विटर का डेटा सार्वजनिक नहीं होने की वजह से इन अकाउंट्स को एक-एक कर सस्पेंड करना मुमकिन नहीं था। ऐसा पहली बार हुआ है कि इस्लामिक स्टेट से जुड़े अकाउंट्स को इतनी बड़ी संख्या में ट्विटर से हटाया गया हो। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्विटर पर आईएस के 90 हज़ार अकाउंट्स हैं।

हाल ही में ट्विटर की आलोचना की जा रही थी कि वह आईएस को अपना प्रॉपेगैंडा फैलाने की इजाज़त देता है। यह भी कहा जा रहा था कि ट्विटर के ज़रिए आईएस की हिंसा को प्रशंसा मिल रही थी, साथ ही आईएस में शामिल होने के लिए नए आतंकियों की खोज में भी मदद मिल रही थी। ट्विटर के प्रतिनिधि ने बताया, ‘हमें बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं।’

हाल के महीनों में ट्विटर ने हर हफ्ते आईएस के करीब 2000 अकाउंट्स सस्पेंड किए हैं। सुरक्षा कारणों के चलते ट्विटर के प्रतिनिधि ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर बताया कि अकाउंट्स सस्पेंड करने का एक कारण आईएस विरोधियों की कोशिशों का व्यापक प्रचार है। इन विरोधियों में कुछ हैकिंग ग्रुप्स और ऑनलाइन विजिलेंट्स शामिल हैं।

ट्विटर के नियमों के मुताबिक इसकी वेबसाइट पर एक समूचित व्याख्या के बाद किसी प्रोटोकॉल के तहत एक अकाउंट की शिकायत की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हिंसा से जुड़े किसी भी प्रचार की इजाज़त नहीं दी जाती। ट्विटर पर रोज़ कई भाषाओं में 50 करोड़ से ज़्यादा संदेश शेयर किए जाते हैं।

जहां एक तरफ कुछ आईएस विरोधियों का कहना है कि इस निलंबन से इस आतंकी समूह पर नज़र रखना मुश्किल हो जाएगा वही दूसरे समूहों ने ट्विटर के इस कदम का स्वागत किया है।

कुछ अन्य आईएस विरोधियों ने अपनी ट्विटर पहचान छुपाने की शर्त पर कहा कि इतनी बड़ी संख्या में अकाउंट्स सस्पेंड करने के बाद भी थोड़ा ही असर पड़ेगा, क्योंकि यूज़र्स जल्द ही नए अकाउंट्स बना लेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तो ट्विटर से कई बार सस्पेंड होने की बात भी गर्व से बताते हैं।

ट्विटर से सस्पेंड होने वाले यूज़र्स का डेटाबेस रखने वाले और @JewHadi के नाम से ट्विटर अकाउंट चलाने वाले एक आईएस विरोधी ने बताया कि कैसे सस्पेंशन के 24 घंटे के अंदर ही एक नया नंबर या लेटर जोड़ कर एक और अकाउंट बना लिया जाता है। उन्होंने बताया कि कैसे @turjuman123 के नाम का एक अकाउंट 122 बार सस्पेंड हो चुका है और अब 123वीं बार बनकर फिर चल रहा है।

कई लोगों ने ट्विटर के दावे पर संदेह जताया है। ट्विटर पर @xrsone के नाम से अकाउंट चलाने वाले एक साइबरसिक्यॉरिटी एक्टिविस्ट ने कहा, ‘मैंने सिर्फ यह बदलाव देखा है कि सस्पेंड किए पिछले अकाउंट्स को अब डिलीट किया जा रहा है।’ इस अकाउंट यूज़र ने हाल ही में 26 हज़ार आईएस से जुड़े अकाउंट्स को इकठ्ठा किया था। इनका कहना है, ‘इससे कुछ भी हासिल नहीं होता और ऐक्टिव अकाउंट्स पर पड़ने वाला असर न के बराबर है।’

हालांकि ट्विटर के प्रतिनिधि ने तमाम संदेहों को नकार दिया है। उनका कहना है कि ऐसा दावा करने वालों की पहुंच ट्विटर के अंदरूनी डेटा तक नहीं है। वे करीब 29 करोड़ यूज़र्स को ट्रैक नहीं कर सकते है जो दिन में 50 करोड़ ट्वीट्स करते हैं।

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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