दिनांक 18 November 2017 समय 12:54 AM
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अमेरिका ने की फ्रांसीसी राष्ट्रपतियों की जासूसी: विकिलीक्स

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अमेरिका की नैशनल सिक्यॉरिटी एजेंसी (एनएसए) ने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति जैकस शिराक, निकोलस सरकोजी और वर्तमान राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद की जासूसी की थी। यह खुलासा विकिलीक्स के मंगलवार को जारी किए गए प्रेस स्टेटमेंट में हुआ है।

फ्रेंज न्यूजपेपर लिबरेशन और न्यूज वेबसाइट मी़डियापार्ट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक एनएसए ने 2006 से मई 2012 तक इन राष्ट्रपतियों की जासूसी की थी । मई में ही सरकोजी को हटाकर ओलांद राष्ट्रपति बने थे।

विकिलीक्स का कहना है कि दस्तावेजों के मुताबिक एनएसए सर्विलांस के दायरे में ओलांद (2012 से अब तक), सरकोजी (2007-2012) और शिराक (1995-2007) के अलावा फ्रांस के कैबिनेट मंत्री और यूएस में फ्रांसीसी राजदूत भी शामिल थे। दस्तावेजों में फ्रांस के राष्ट्रपति भवन के कई अधिकारियों के सेल फोन नंबर, और खुद राष्ट्रपति का डायरेक्ट सेल फोन नंबर भी है।

इन दस्तावेजों में वैश्विक वित्तीय संकट, यूनानी ऋण संकट और ओलांद प्रशासन और एंजेला मार्केल की जर्मन सरकार के रिश्तों पर फ्रांस के सरकारी अधिकारियों के बीच हुई बातचीत का विवरण शामिल है। कुछ समय पहले अमेरिकी एनएसए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन ने भी एंजेला मार्केल के फोन की एनएसए द्वारा जासूसी किए जाने का खुलासा करके हलचल मचा दी थी।

विकिलीक्स का कहना है कि जहां जर्मन खुलासा इस तथ्य पर केंद्रित था कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी के निशाने पर सीनियर ऑफिशल्स थे, वहीं विकिलीक्स के इस खुलासे में अमेरिका द्वारा अपने सहयोगियों की जासूसी के मामले में ज्यादा और विस्तृत जानकारी दी गई है, जिससे पता चलता है कि अमेरिका किस तरह फ्रांसीसी नेताओं और मंत्रियों की राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक जासूसी के लिए उनके फोन कॉल्स पर नजर रखता है।

इस पूरे मामले पर राय देने के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति के कार्यालय से संपर्क नहीं हो पाया। विकिलीक्स ने कहा है कि निकट भविष्य में फ्रांस से जुड़े और खुलासे हो सकते हैं। कुछ दिन पहले विकिलीक्स ने अगले कुछ सप्ताह में सऊदी अरब के 5 लाख से अधिक खुफिया दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की घोषणा भी की थी। बीते शुक्रवार को उसने सऊदी अरब सरकार की लगभग 61 हजार गोपनीय सूचनाओं को जारी किया था। विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के मुताबिक ये दस्तावेज ‘द सऊदी केबल्स’ के नाम से प्रकाशित किये जाएंगे, जिसमें दुनिया भर में स्थापित सऊदी दूतावासों की गुप्त सूचनाएं होंगी।

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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