दिनांक 23 June 2018 समय 5:24 PM
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अब अप्रैल भी होगा पानी-पानी

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rain-in-delhiनई दिल्ली

दिल्ली में धूल भरी आंधी के कहर को बारिश रोकेगी। रविवार को मौसम विभाग को जानकारी मिली थी कि मुंबई और उसके आसपास के पश्चिमी तटीय इलाकों में सऊदी अरब से उठी धूल तेज हवाओं के साथ अरब सागर से होते हुए पहुंची थीं। हवाएं काफी तेज गति से मुंबई की तरफ आई थीं। इससे मुंबई और आसपास के इलाकों में हवा में धूल की मात्रा काफी ज्यादा देखने को मिली है।

मौसम वैज्ञानिक बता रहे हैं कि इससे मुंबई में पॉल्यूशन लेवल भी बीते कुछ दिनों की तुलना में बढ़ गया था। शनिवार को जहां एयर क्वाविटी इंडेक्स (पीएम 2.5) का लेवल 102 मुंबई में दर्ज हुआ था। यह रात 8 बजे तक रविवार को बढ़कर 155 के करीब पहुंच गया था। साथ ही दिल्ली में भी शनिवार के मुकाबले रविवार को ज्यादा पॉल्यूशन लेवल दर्ज हुआ था। रविवार को दिल्ली में पीएम 2.5 का लेवल 151 दर्ज हुआ था। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले तीन दिनों तक धूल भरी आंधी दिल्ली की तरफ आने की उम्मीद नहीं है। मौसम वैज्ञानिक कह रहे हैं कि बारिश का मौसम बनने से धूल भरी आंधी का असर कम होगा और दिल्ली की ये आंधी नहीं पहुंचेंगी।

नैशनल वेदर फोरकास्टिंग सेंटर के हेड बी. पी. यादव बताते हैं कि सऊदी अरब से धूल काफी ऊपर वातावरण में पहुंच गई और हवाओं की तेज गति के साथ धूल अरब सागर से होते हुए मुंबई और पश्चिमी तटों पर आ गई। धूल भरी हवाओं का सिलसिला आने वाले दो से तीन दिनों तक नहीं चलेगा।

मार्च में टूटा 48 साल का रिकॉर्ड

दिल्ली में आने वाले दिनों में एक बार फिर बारिश का सिलसिला शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि मंगलवार को फिर से बादल बरसेंगे, जिसके कारण तापमान भी कम होने की उम्मीद है। साथ ही मंगलवार को कई इलाकों में बारिश होने के बाद 11 और 12 अप्रैल फिर बादल बरसेंगे। नैशनल वेदर फोरकास्टिंग सेंटर के हेड बी. पी. यादव ने बताया है कि बीते कई सालों की तुलना में मार्च महीने में बारिश ज्यादा हुई है। दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश ज्यादा हुई है।

देशभर में मार्च महीने में साल 1901 से 2015 के बीच दूसरी बार सबसे ज्यादा बारिश हुई है। देशभर में सभी शहरों के आंकड़ों को मिलाकर पता चला है कि मार्च महीने में एवरेज बारिश 2015 में 61.1 मिमी हुई है। इससे पहले ऑल टाइम रिकॉर्ड साल 1967 में दर्ज किया गया था। 1967 में मार्च में 63.3 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। यादव बताते हैं कि आमतौर पर मार्च महीने में 5 से 6 वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते हैं, लेकिन इस साल मार्च में 9 वेस्टर्न डिस्टरबेंस आए हैं। इसकी वजह से दिल्ली में 100 सालों का रिकॉर्ड टूट चुका है। मार्च महीने में साल 1915 में 78.2 मिमी बारिश हुई थी। इस साल दिल्ली में मार्च महीने में 97.2 मिमी बारिश हुई है।

जून के आखिरी हफ्ते में पहुंचेगा मॉनसून

सोमवार को दिल्ली में मैक्मिमम टेंपरेचर नॉर्मल से 3 डिग्री कम के साथ 31.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। ये बीते 5 सालों में 6 अप्रैल के दिन सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान नॉर्मल से दो डिग्री सेल्सियस कम के साथ 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। स्काइमेट के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत बताते हैं कि राजस्थान में चक्रवाती हवाओं का सिस्टम बना हुआ है। साथ ही, दिल्ली में बारिश होने की उम्मीद है, जिसकी वजह से धूल भरी आंधी नहीं पहुंचेंगी। दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में इस साल मॉनसून की बारिश काफी अच्छी होने की संभावना है। अनुमान है कि इस साल अल-नीनो का असर नहीं है और दिल्ली में जून के आखिरी हफ्ते में मॉनसून दस्तक दे सकता है।

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About Pradeep Rajpoot

Pradeep Rajpoot is a social activist, businessman and editor in chief of Betwa Anchal weekly news paper.
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