गंजबासौदा कृषि उपज मंडी समिति नए प्रांगण में व्यापारियों के न जाने के बहाने सुनने के पक्ष में नहीं है। समिति ने उन 21 व्यापारियों को प्लाट आवंटित करने का फैसला कर लिया है जिन्होंने राशि जमा करा दी है। व्यापारियों ने इस बार फिर प्लाट नीलामी में भाग नहीं लिया। उन्होंने फिर से नई शर्ते कृषि मंडी प्रशासन के सामने रख दी हैं। मंडी प्रशासन का कहना है कि व्यापारी सरकार के पास अपनी समस्या रखें। उसका कार्य अनुबंध नियमों का पालन कराना है। इसके लिए जो भी संभव होगा कार्रवाई की जाएगी।
350 लायसेंसधारियों के लिए उपलब्ध है 593 प्लाट
पहले कृषि मंडी के नए प्रांगण में मात्र 174 प्लाट थे। इस स्थिति के चलते व्यापारी संघ का कहना था 350 लायसेंस धारी हैं सभी को एक साथ प्लाट दिए जाए। अब मंडी प्रशासन के पास 593 प्लाट उपलब्ध हैं जो व्यापारी संघ की मांग से ज्यादा हैं। उनकी यह मांग पूरी होने पर अब उन्होंने नई अडंगेबाजी शुरू कर दी कि जिन व्यापारियों की पुरानी मंडी में दुकानें और गोदाम हैं उनका वर्तमान कीमत से सर्वे कराकर यह राशि नए प्लाटों की कीमत में समायोजित की जाए।
राहत पहले ही दे चुके हैं
हमारे अधिकार में जो था पहले ही व्यापारियों को राहत दे चुके हैं। उनकी जो शर्ते हैं वह सरकार के पास रखें। लायसेंस देते समय जो अनुबंध किया जाता है हम उसका पालन हर हाल में कराने बाध्य हैं। मंडी अध्यक्ष गंजबासौदा।
१ अप्रैल से नए प्रांगण में शुरू होना है नीलामी, मंडी में अब भी प्लाटों को लेकर चल रही है खींचतान, प्रशासन मंडी शिफ्टिंग पर अडिग।